ITR Last Date 15 September: आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की लास्ट डेट को लेकर चल रही अफवाहों पर आयकर विभाग ने साफ कर दिया है कि 15 सितंबर ही लास्ट डेट हैं। आई.टी.आर. विभाग ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को फर्जी बताया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि अंतिम तिथि को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि वे केवल आयकर विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल @IncomeTaxIndia पर दी जाने वाली जानकारी पर भरोसा करें।
समय सीमा बढ़ाने का नहीं लिया गया निर्णय
आयकर विभाग ने रविवार देर रात ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि ऐसी खबरों पर ध्यान न दें। साथ ही स्पष्ट किया कि समयसीमा बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और अंतिम तिथि 15 सितंबर ही बरकरार है।
करदाताओं से किया गया आग्रह
पिछले कुछ दिनों में करदाताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने आयकर पोर्टल पर कर भुगतान और वार्षिक सूचना विवरण (AIS) डाउनलोड से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें की थीं। विभाग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि पोर्टल सुचारू रूप से काम कर रहा है। करदाताओं से आग्रह किया गया है कि वे ब्राउजर कैश साफ कर पुनः प्रयास करें, या किसी अन्य ब्राउजर से पोर्टल एक्सेस करें।
दिक्कत आने पर क्या करे?
यदि फिर भी समस्या आती है तो उपयोगकर्ता अपनी जानकारी जैसे PAN, मोबाइल नंबर और IP पता विभाग को साझा कर सकते हैं। इसके लिए विभाग ने orm@cpc.incometax.gov.in पर मेल करने का विकल्प उपलब्ध कराया है। विभाग ने यह भी बताया कि करदाताओं की सुविधा के लिए 24×7 हेल्पडेस्क काम कर रहा है। इसके जरिए कॉल, लाइव चैट और वेबएक्स से सहायता प्राप्त की जा सकती है।
6 करोड़ से ज्यादा आईटीआर हुए दाखिल
गौरतलब है कि 13 सितंबर तक ही 6 करोड़ से ज्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके थे। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए कुल 7.28 करोड़ से अधिक रिटर्न भरे गए थे। लगातार बढ़ते करदाताओं की संख्या विभाग की पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
क्या होता हैं आईटीआर?
यह एक फॉर्म होता है जिसे हर वित्तीय वर्ष में आयकर विभाग को जमा करना होता है। इसमें आप अपनी आय (Income), खर्च (Expenditure), निवेश (Investment) और चुकाए गए कर (Tax Paid) का विवरण देते हैं। ITR एक तरह से आपका वार्षिक आय-खर्च और टैक्स का हिसाब-किताब है, जिसे सरकार के पास जमा करना होता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से विभाग को जांच करने में मदद मिलती हैं कि आपने सही भुगतान किया है या नहीं।


