ग्रेटर नोएडा- ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में अपनी पत्नी को ज़िंदा जलाने के आरोप में फरार चल रहे विपिन भाटी को रविवार को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लग गई। आरोपी को कासना पुलिस ने एक खेत से ज्वलनशील पदार्थ की बरामदगी के दौरान पकड़ा था, लेकिन पूछताछ के बीच ही उसने दरोगा की पिस्तौल छीन ली और भागने की कोशिश में पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे गोली मारकर दबोच लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ सिरसा चौराहे के पास हुई। घायल विपिन को तुरंत डाढ़ा सीएचसी और फिर जिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से पुलिस ने आरोपी की मां दया (55) को भी गिरफ्तार कर लिया, जो अस्पताल में बेटे से मिलने पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि दया भी इस जघन्य वारदात में आरोपी है और उसे किसी ने अस्पताल के बाहर छोड़ा था। महिला के खुद आत्मसमर्पण करने की बात से पुलिस ने इनकार किया है।
फरार था आरोपी, तकनीकी सर्विलांस से हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही विपिन फरार था। पुलिस ने मुखबिरों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से उसे पकड़ने में सफलता पाई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने ज्वलनशील पदार्थ घटना के दिन पास के एक खेत में फेंका था। पुलिस जब उसे मौके पर लेकर गई, तभी वह दरोगा की पिस्तौल छीनकर भागा और गोली चलाई। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी।
पत्नी निक्की को जलाने का आरोप, 70% जलने से हुई थी मौत
दादरी के रूपवास गांव की रहने वाली 27 वर्षीय निक्की की शादी 2016 में विपिन भाटी से हुई थी। शादी के बाद से ही निक्की और उसकी बहन कंचन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। निक्की अपने ससुराल में बुटीक चलाती थी, जबकि कंचन वहीं ब्यूटी पार्लर संचालित करती थी। पीड़िता के पिता भिकारी सिंह के अनुसार, परिवार पर 35 लाख रुपये की दहेज मांग का दबाव बनाया जा रहा था।
बृहस्पतिवार को आरोप है कि विपिन ने अपनी मां दया के साथ मिलकर निक्की पर थिनर जैसा ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। बुरी तरह झुलसी निक्की को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपी, केस दर्ज
निक्की की बहन कंचन ने इस मामले में विपिन, उसके भाई रोहित, मां दया और पिता सत्यवीर के खिलाफ बीएनएस की धारा-103(1) (हत्या), 115(2) (गंभीर चोट पहुंचाने का प्रयास) और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज कराया है। घटना के बाद से पूरा आरोपी परिवार फरार था।
पुलिस जांच जारी, कई परतें खुलने की संभावना
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एडीसीपी सुधीर कुमार, एसीपी सार्थक सेंगर और कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शुक्ल के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से पिस्तौल, कारतूस और थिनर की बोतल बरामद की है।
घायल होने के बावजूद आरोपी विपिन ने अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मरी है… पति-पत्नी में झगड़े तो होते रहते हैं।”


