कानपुर- कानपुर के केशवपुरम इलाके में स्थित नेगी गेस्ट हाउस और नेगी इनक्लेव के संचालक गजेंद्र सिंह नेगी और उनके भाइयों पर एक और एफआईआर दर्ज हो गई है। रावतपुर थाने में दर्ज इस ताज़ा मामला एक महिला से धोखाधड़ी, वसूली और जान से मारने की धमकी से जुड़ा है।
बर्रा विश्व बैंक कॉलोनी के निवासी और ऑर्डनेंस फैक्ट्री से सेवानिवृत्त देवेंद्र सिंह की पत्नी मंजू लता सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने 19 अक्टूबर 2019 को नेगी इनक्लेव के ग्राउंड फ्लोर में एक दुकान खरीदी थी। यह सौदा गजेंद्र सिंह नेगी, सुमित सिंह नेगी और शिवचरण नेगी के साथ तय हुआ था, और इसके लिए उन्होंने करीब 14.50 लाख रुपये का भुगतान किया था। बावजूद इसके, उन्हें अब तक दुकान का कब्जा नहीं मिला।
मंजू लता के अनुसार, 27 जुलाई 2025 को वह अपने पति के साथ दुकान का कब्जा लेने पहुंचीं तो गजेंद्र सिंह नेगी ने उन्हें रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया। आरोप है कि नेगी ने कहा, “जितने में दुकान ली है, उसका दोगुना पैसा और दो, साथ ही हर महीने 25 हजार की रंगदारी भरो, तभी कब्जा मिलेगा।”
डीसीपी पश्चिम दिनेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह गजेंद्र सिंह नेगी और उनके भाइयों के खिलाफ दर्ज चौथी एफआईआर है। इससे पहले निवास होटल के संचालक योगेश सिंह, मसवानपुर निवासी प्रमिला पांडेय और आर्यनगर के कैटरर विनोद गुप्ता भी नेगी भाइयों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। पुलिस को अब तक उनके खिलाफ 10 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं।
मंजू लता ने बताया कि इस धमकी के बाद उनके पति मानसिक रूप से काफी टूट गए हैं और किसी कानूनी कार्रवाई से हिचकिचा रहे थे। लेकिन “ऑपरेशन महाकाल” अभियान के चलते उन्हें थोड़ा हौसला मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेगी बंधु एक संगठित गिरोह की तरह काम करते हैं और लोगों की जमीन व संपत्तियों पर कब्जा करते हैं।
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक पोस्टर भी वायरल हो रहा है, जो कथित तौर पर नेगी ग्रुप से जुड़ा बताया जा रहा है। पोस्टर में लिखा है:
“मिशन सबसे ऊपर 2024 – देश में मोदी जी, प्रदेश में योगी जी, और कानपुर में नेगी सर जी”। यह पोस्टर नेगी ग्रैंड होटल के आसपास देखा गया था।

