दिल्ली- दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने एक महिला पर तेजाब फेंकने के संगीन मामले में आरोपी डॉक्टर को 12 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस कृत्य को “पेशे की मर्यादा और मानवता दोनों का घोर अपमान” बताया और कहा कि पीड़िता ने फीनिक्स पक्षी की तरह जीवन की राख से दोबारा उड़ान भरी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौम्या चौहान ने फैसला सुनाते हुए कहा कि दोषी डॉ. अशोक यादव (42) ने ठुकराए गए प्रेम प्रस्ताव का बदला लेने के लिए यह घिनौना कदम उठाया। उन्होंने अपने साथी वैभव (32) के साथ मिलकर पीड़िता पर हमला करने की साजिश रची। घटना 2014 में घटी थी।
कोर्ट ने अशोक यादव को 12 साल के कठोर कारावास के साथ 5 लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया, जो पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। सह-आरोपी वैभव को अदालत ने यह मानते हुए रिहा कर दिया कि वह पहले ही 10 साल से अधिक सजा काट चुका है।
फैसले में अदालत ने कहा कि अशोक यादव ही इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड था। जब पीड़िता ने उसके शादी के प्रस्तावों को खारिज कर दिया और किसी और से विवाह तय हो गया, तो उसने उसके चेहरे पर तेजाब फिंकवाकर बदला लेने की योजना बनाई। इसके तहत न केवल तेजाब हमला किया गया, बल्कि वारदात को लूट की शक्ल देने के लिए पीड़िता का बैग भी छीना गया।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि “एक एमबीबीएस डॉक्टर से उम्मीद की जाती है कि वह मानवता की रक्षा करेगा, लेकिन यादव ने न केवल अपनी चिकित्सकीय शपथ को तोड़ा, बल्कि अपनी पितृसत्तात्मक सोच में इतना डूब गया कि एक निर्दोष महिला की ज़िंदगी तबाह कर दी।”

