थाना सदर में डीएम ने दर्ज कराया गया मुकदमा, साइबर सेल ने जांच की शुरू
सतीश मुखिया मथुरा- साइबर अपराधियों ने एक बार फिर उच्चअधिकारियों को निशाना बनाते हुए जिलाधिकारी ,मथुरा की फेक आईडी जनरेट कर लोगों से लेनदेन के लिए संपर्क किया, इस पर बडी संख्या में लोगों से संपर्क किया गया तो यह जानकारी जिलाधिकारी तक पहुंच गई। उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और पुलिस को शिकायत दी।जिस पर थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई और इसके बाद साइबर सेल कोर पुलिस इस कृत्य को अंजाम देने वाले की तलाश में जुट गई है।
जिलाधिकारी के नाम से फर्जी आईडी लोगों से रुपये ऐंठने के लिए बनाई गयी जिलाधिकारी सीपी सिंह आईएएस के नाम पर किसी ने व्हाट्सएप के माध्यम से उनके परिचितों से लेनदेन की कोशिश की, जिसकी जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ने इसकी सूचना साइबर सेल को दी, आनन फानन में तत्काल ही फेक व्हाट्सएप आईडी बनाने वाले अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सोमवार को जिलाधिकारी का फोटो लगाते हुए मोबाइल नंबर पर नाम चंद्र प्रकाश सिंह लिखकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से लोगों से सम्पर्क साधना शुरु कर दिया, जिलाधिकारी की इस फेक व्हाट्सएप आईडी से संबंधित व्यक्ति ने मीटिंग में अपनी (जिलाधिकारी) व्यस्तता दर्शाते हुए किसी आवश्यक कार्य के लिए लेनदेन की बात की है, लोगों के साथ इस फेक व्हाट्सएप आईडी से लेनदेन के संदेश की सूचना जल्द ही डीएम चंद्र प्रकाश सिंह के पास पहुंच गई, तत्काल ही जिलाधिकारी ने इस घटनाक्रम की जानकारी साइवर सेल को दी। साथ ही इसकी रिपोर्ट थाना सदर बाजार में दर्ज कराई गई है और जांच जारी है। हाल ही में यह देखने में आया है कि मथुरा साइबर ठगो का एक नए गढ़ के रूप में उभर कर सामने आया है। यह एक तरफ हरियाणा और दूसरी तरफ राजस्थान से अपनी सीमाओं को साझा करता है जिस कारण अपराधी अपराध करने के बाद कभी हरियाणा, तो कभी राजस्थान में अपने आप को छुपा कर हैं। साइबर सेल मथुरा द्वारा राजस्थान और हरियाणा के बॉर्डर पर स्थित कई गांवों को रेड जोन में डाला था और कहा था कि इनकी गतिविधियां संदिग्ध है और आम जनता को इन गांव में जाने से बचना चाहिए। यह साइबर ठग विभिन्न तरीके से आम जनता और होने वाले लोगों को अपने ठगी का शिकार बनाते हैं।

