अजीत द्विवेदी पिछले लोकसभा चुनाव की एक खास बात यह थी कि उसमें अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दे चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं थे। चुनाव में व्यापक रूप से राजनीतिक, धार्मिक व राष्ट्रवाद के मसले हावी रहे थे। आमतौर पर जब चुनाव इस तरह के मुद्दों पर होते हैं तब यथास्थिति बनी रहती है। भारत में […]

