पंकज चतुर्वेदी न तो अब खेतों में कोयल की कूक सुनाई देती है और न ही सावन के झूले पड़ते हैं. यदि फसल को किसी आपदा का ग्रहण लग जाए, तो अतिरिक्त आय का जरिया होने वाले फल भी गायब हैं. अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका ‘नेचर सस्टैनबिलिटी’ में हाल में प्रकाशित आलेख बताता है कि भारत […]
ईवीएम किसकी सरकार बनाएगी
जैव विविधता बचाने की चुनौतियां
-अमित बैजनाथ गर्ग भारत जैव विविधता समृद्ध देश है। विश्व का 2.4 प्रतिशत क्षेत्रफल होने के बावजूद यह विश्व की 7.8 प्रतिशत सभी दर्ज प्रजातियों का पर्यावास स्थल है। विश्व के 34 जैव विविधता हॉटस्पॉट में से चार भारत में हैं। इसी प्रकार विश्व के 17 मेगा-डायवर्सिटी देशों में भारत शामिल है। इस प्रकार जैव […]
जलवायु संकट और भारत
विधि-सम्मत कार्रवाई होगी
झूठेऔर भ्रामक विज्ञापनों के जरिए आम आदमी को पल्रोभन देकर पैसा बनाने वाली कंपनियों को स्वप्रमाण-पत्र जारी करना होगा। यह दावा गलत हुआ तो हर्जाना चुकाना होगा। उनके खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई भी होगी। रामदेव की कंपनी पतंजली के भ्रामक विज्ञापन मामले के आलोक में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करने के लिए सूचना एवं […]
वैश्विक ऊंचाई पर भारतीय खिलौना कारोबार
एफपीओ किसानों की उन्नति के पर्याय
सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता बेहतर हो
हिमानी रावत बीमार व्यक्ति बड़ी आशा लेकर अस्पताल जाता है कि उसका समुचित इलाज हो सकेगा। लेकिन अनेक अस्पताल अपनी कमाई बढ़ाने के लिए अनुचित तौर-तरीके अपनाते हैं, जो अनैतिक भी है और आपराधिक भी। ऐसी शिकायतों को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को मान्यता देने वाले राष्ट्रीय बोर्ड (एनएबीएच) ने लिखित चेतावनी […]

