दिल्ली। गाजीपुर में बुधवार रात जन्मदिन की पार्टी के दौरान मामूली विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। पार्टी मनाने आए 28 वर्षीय युवक विकास वलेचा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके दोस्त सुमित शर्मा को रॉड से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। वारदात के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, विकास नोएडा सेक्टर-5 की एक निजी कंपनी में सेल्स मैनेजर था और फरीदाबाद के एनआईटी सेक्टर-5 में अपने माता-पिता और बहन के साथ रहता था। ऑफिस दूर होने के चलते वह कुछ समय से खोड़ा कॉलोनी के एक पीजी में रह रहा था। बुधवार, 30 जुलाई को उसका जन्मदिन था, जिसे मनाने के लिए वह अपने दोस्तों सुमित, अभिषेक, विशाल और अन्य के साथ तीन कारों में सवार होकर गाजीपुर पेपर मार्केट के पास पार्टी मनाने गया।
पार्टी के दौरान अभिषेक ने बताया कि उसका दो दिन पहले मोमोज की दुकान चलाने वाले सलमान खान से झगड़ा हुआ था और वह धमकी दे रहा था। इसी बात पर विवाद फिर से भड़क गया। सलमान अपनी दुकान पर मौजूद था, जिसे देखते ही युवक उससे उलझ पड़े। झगड़ा बढ़ने पर सलमान ने अपने दोस्तों को बुला लिया।
झगड़े के दौरान, विकास ने सलमान को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया। सलमान और उसके साथियों आजाद मिश्रा, मोनू मिश्रा और एक 13 वर्षीय नाबालिग ने रॉड और चाकुओं से विकास पर हमला कर दिया। सुमित उसे बचाने की कोशिश करता रहा लेकिन हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया और उसकी टांग तोड़ दी। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल विकास को आरोपी आजाद मिश्रा खुद एलबीएस अस्पताल लेकर पहुंचा, ताकि शक न हो। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। बाद में आजाद वहां से फरार हो गया।
पुलिस कार्रवाई
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने गाजीपुर थाने, एंटी नारकोटिक्स स्क्वायड, स्पेशल स्टाफ और एएटीएस की चार टीमों का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और आजाद को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उसके बयान और फुटेज के आधार पर बाकी तीन आरोपियों को खोड़ा कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी (पूर्वी) अभिषेक धानिया के अनुसार, हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और रॉड भी बरामद कर लिए गए हैं।
परिजनों का दर्द
विकास के परिजनों का कहना है कि अगर उसके दोस्त समय रहते हिम्मत दिखाते तो शायद आज वह जिंदा होता। परिवार का इकलौता बेटा होने के चलते पूरे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप और बहन बेसुध हैं।

