प्रयागराज- कौशाम्बी जनपद के पिपरी कोतवाली क्षेत्र के कसेंदा गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गणेशदीन इंटर कॉलेज में कक्षा 10 की छात्रा अलसमा (14) ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन की मांग पूरी न होने पर आत्मघाती कदम उठा लिया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पिता उसकी मांग पूरी नहीं कर सके।
अलसमा के पिता चांद बाबू, जो फल का ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, ने बताया कि बेटी लंबे समय से मोबाइल की मांग कर रही थी। सोमवार को जब उसने फिर से जिद की, तो उन्होंने उसे डांट दिया। रात में वह अकेले कमरे में चली गई और सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला।
घटनास्थल पर मिले संकेत
पुलिस के अनुसार, छात्रा ने घर में बने एक सेल्फ पर चढ़कर प्लास्टिक की पट्टी से छत के कुंडे में फंदा लगाया। पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव पर हाथ-पैर में काले निशान और सिर पर चोट के चिन्ह पाए गए हैं। अनुमान है कि फंदे पर झूलते समय दीवार से टकराने के कारण सिर पर चोट आई हो सकती है, लेकिन अन्य निशान जांच का विषय बने हुए हैं।
विद्यालय और गांव में शोक की लहर
अलसमा की सहेलियों—समा, सुनैना और शारदा—ने उसे एक होशियार और मददगार छात्रा बताया। उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। विद्यालय में भी मातम का माहौल है।
परिवार का बयान
चांद बाबू ने कहा कि उन्होंने बच्चों की परवरिश में कोई कमी नहीं रखी। बड़े बेटे सद्दाम को पढ़ाया, जो अब दुकान में काम करता है, और बेटी जोया की शादी भी अच्छे से की। अलसमा को मोबाइल देने का इरादा था, लेकिन हालात ने साथ नहीं दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सीओ चायल अभिषेक सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के युवा सोशल मीडिया, मोबाइल और वीडियो गेम्स के प्रति अत्यधिक आकर्षित हो रहे हैं। इससे उनमें भावनात्मक अस्थिरता, आत्महत्या के विचार और व्यवहार संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की मानसिक स्थिति को समझना और संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।

