कुरुक्षेत्र। इस्माईलाबाद से पांच दिन पहले अचानक लापता हुए 36 वर्षीय मजदूर का शव मंगलवार को गांव किरमिच के पास भाखड़ा-नरवाना ब्रांच नहर से बरामद हुआ। मृतक की पहचान इस्माईलाबाद निवासी धर्मबीर उर्फ बबलू के रूप में हुई है। वह तीन बेटियों का पिता था और दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था।
जानकारी के मुताबिक, गांव किरमिच में साइफन के नजदीक ग्रामीणों ने नहर के पानी में एक युवक का शव देखा। इसकी सूचना गोताखोर प्रगट सिंह को दी गई। उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को नहर से बाहर निकाला। इसके बाद आसपास के इलाकों से लापता लोगों की जानकारी जुटाकर शव की पहचान करने का प्रयास किया गया।
गोताखोरों की टीम ने सोशल मीडिया और वॉट्सऐप ग्रुपों में उपलब्ध लापता युवकों की तस्वीरों से शव के चेहरे और कपड़ों का मिलान किया। इसके बाद थाना केयूके पुलिस से संपर्क किया गया और इस्माईलाबाद में लापता युवक के परिजनों को भी सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर मृतक के पिता लाल चंद और उसका भाई मौके पर पहुंचे। दोनों ने शव की पहचान धर्मबीर उर्फ बबलू के रूप में की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, धर्मबीर एक अक्टूबर की दोपहर घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद इस्माईलाबाद थाना पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी गई थी।
मृतक के पिता ने बताया कि धर्मबीर पिछले कुछ समय से परेशान चल रहा था। वह दिहाड़ी मजदूरी करता था और अक्सर काम की वजह से हाथों में परेशानी होने की बात कहता था। परिवार में उसकी तीन बेटियां हैं, जिनमें सबसे छोटी करीब डेढ़ साल और बड़ी बेटी 12 साल की है। वह अपने परिवार के साथ भाइयों से अलग रहता था। परिजनों ने किसी से दुश्मनी होने से भी इनकार किया है।
थाना केयूके के उपनिरीक्षक सुधीर कुमार ने बताया कि नहर में शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। शव को कब्जे में लेकर परिजनों से पहचान कराई गई। पोस्टमार्टम के लिए शव लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल भेज दिया गया है। मामले में पुलिस की ओर से आवश्यक जांच की जा रही है।


