नई दिल्ली। सरिता विहार में रहने वाली 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 10 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर साइबर ठगों द्वारा 78 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। ठगों ने महिला को उनके बैंक खाते से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसने का डर दिखाया और कानूनी कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर अलग-अलग तारीखों में दो बैंक खातों में 78 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
ठगी का खुलासा तब हुआ जब महिला की बेटी को बैंक से आरटीजीएस ट्रांजेक्शन का ईमेल नोटिफिकेशन मिला। इसके बाद उसे साइबर ठगी की जानकारी हुई। मामले की शिकायत पहले सरिता विहार थाने में की गई। जांच के बाद केस को इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट को ट्रांसफर कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, शिकायत में देरी के कारण ठगी की रकम कई म्यूल खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी, जिससे रकम को फ्रीज नहीं कराया जा सका।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला सरिता विहार में अकेली रहती हैं। उनके पति की कई साल पहले मौत हो चुकी है और उनके दो बच्चे अलग-अलग रहते हैं। 24 अगस्त की शाम करीब 5:30 बजे महिला के पास फोन आया। कॉल करने वाले ने बताया कि उनके बैंक खाते से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है।
इसके बाद ठगों ने उन्हें कई लोगों के बीच बातचीत की तस्वीरें दिखाईं। इनमें एक फर्जी सीनियर ज्यूडिशियल अधिकारी भी शामिल था। ठगों ने दावा किया कि वे महिला को कानूनी परेशानी से बाहर निकालने और उनके परिवार को कार्रवाई से बचाने में मदद करेंगे।
साइबर ठगों ने महिला को लगातार निगरानी में रखा और हर घंटे रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। उन्हें पूरी रात फोन का कैमरा चालू रखने के लिए भी कहा गया। पुलिस के अनुसार, ठगों ने बातचीत के लिए कई मोबाइल नंबरों और वाट्सएप कॉल का इस्तेमाल किया।
महिला से एक सोशल मीडिया एप्लिकेशन डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया। इसके बाद एक सितंबर को महिला ने अपने एक बैंक खाते से 51 लाख रुपये ट्रांसफर किए। अगले दिन, दो सितंबर को दूसरे बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 27 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस के मुताबिक, रकम ट्रांसफर कराने के बाद ठगों ने महिला को बैंक खाते और ट्रांजेक्शन से जुड़े वाट्सएप मैसेज डिलीट करने के निर्देश दिए। साथ ही किसी अन्य व्यक्ति को घटना के बारे में बताने पर कार्रवाई की धमकी दी। महिला दो सितंबर तक ठगों के निर्देशों का पालन करती रहीं।
इसी दिन उनकी बड़ी बेटी को बैंक से 27 लाख रुपये के आरटीजीएस ट्रांजेक्शन का ईमेल नोटिफिकेशन मिला। इसके बाद गुरुग्राम में रहने वाले उनके दामाद उसी शाम महिला के घर पहुंचे। पूछताछ में उन्हें साइबर ठगी की जानकारी मिली।
इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और सरिता विहार थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। मामले की जांच जारी है।

