नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी दोषी, 10 साल की सजा

रेवाड़ी। कोसली थाना क्षेत्र के एक गांव में करीब 17 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत की अदालत ने आरोपी गगन को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

पुलिस के मुताबिक, एक जनवरी 2025 को पीड़िता के भाई ने कोसली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उसकी करीब 17 वर्षीय बहन सुबह लगभग 10 बजे घर से बिना बताए चली गई थी। परिजनों ने आसपास और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिवार ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की।

शिकायत के आधार पर कोसली थाना पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को नाबालिग महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव में मिली। पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने महेंद्रगढ़ निवासी गगन पर उसे बहला-फुसलाकर साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया।

नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ीं और आरोपी गगन को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े साक्ष्य अदालत के सामने रखे और गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद गगन को दोषी करार दिया।

अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास के साथ पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

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