17 वर्षीय बेटे की हत्या के दोषी पिता को उम्रकैद, अदालत ने लगाया 10 हजार रुपये का जुर्माना

फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद जिला अदालत ने अपने ही 17 वर्षीय इकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या करने के दोषी पिता सरजीत सिंह को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए चश्मदीद गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी पिता को दोषी करार दिया।

यह पूरा मामला फतेहाबाद के गांव भूथन कलां का है। मृतक परमजीत सिंह की मां रोशनी देवी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। घटना के वक्त रोशनी देवी अपनी शादीशुदा बेटी के ससुराल गई हुई थीं। इसी दौरान आरोपी सरजीत सिंह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और किसी बात को लेकर उसका अपने बेटे परमजीत से विवाद हो गया। गुस्से में आकर कलयुगी पिता ने लकड़ी के भारी डंडे (लठ) से बेटे के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 जिला अटॉर्नी देवेंद्र मित्तल और सहायक जिला अटॉर्नी अरुण बंसल ने अदालत में सरकार का पक्ष रखते हुए प्रभावी पैरवी की। पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से जो वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे, वे अदालत में बेहद अहम साबित हुए। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर भिरड़ाना माइनर के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया लठ भी बरामद किया था। सभी गवाहों और सबूतों को मद्देनजर रखते हुए माननीय अदालत ने इसे गंभीर अपराध माना और दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद जिला अदालत ने अपने ही 17 वर्षीय इकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या करने के दोषी पिता सरजीत सिंह को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए चश्मदीद गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी पिता को दोषी करार दिया।

यह पूरा मामला फतेहाबाद के गांव भूथन कलां का है। मृतक परमजीत सिंह की मां रोशनी देवी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। घटना के वक्त रोशनी देवी अपनी शादीशुदा बेटी के ससुराल गई हुई थीं। इसी दौरान आरोपी सरजीत सिंह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और किसी बात को लेकर उसका अपने बेटे परमजीत से विवाद हो गया। गुस्से में आकर कलयुगी पिता ने लकड़ी के भारी डंडे (लठ) से बेटे के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

 जिला अटॉर्नी देवेंद्र मित्तल और सहायक जिला अटॉर्नी अरुण बंसल ने अदालत में सरकार का पक्ष रखते हुए प्रभावी पैरवी की। पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से जो वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे, वे अदालत में बेहद अहम साबित हुए। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर भिरड़ाना माइनर के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया लठ भी बरामद किया था। सभी गवाहों और सबूतों को मद्देनजर रखते हुए माननीय अदालत ने इसे गंभीर अपराध माना और दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

फतेहाबाद: हरियाणा के फतेहाबाद जिला अदालत ने अपने ही 17 वर्षीय इकलौते बेटे की बेरहमी से हत्या करने के दोषी पिता सरजीत सिंह को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए चश्मदीद गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी पिता को दोषी करार दिया।

यह पूरा मामला फतेहाबाद के गांव भूथन कलां का है। मृतक परमजीत सिंह की मां रोशनी देवी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। घटना के वक्त रोशनी देवी अपनी शादीशुदा बेटी के ससुराल गई हुई थीं। इसी दौरान आरोपी सरजीत सिंह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और किसी बात को लेकर उसका अपने बेटे परमजीत से विवाद हो गया। गुस्से में आकर कलयुगी पिता ने लकड़ी के भारी डंडे (लठ) से बेटे के सिर पर जोरदार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

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