कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव और समर्पण से भाजपा अजेय बनी है : सीएम धामी

प्रकोष्ठों को सरकार के कार्य हर वर्ग तक पहुंचाकर, जीत को अधिक प्रचंड बनाना है : सीएम धामी

राजनीति सेवा का माध्यम, तभी भाजपा में आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों की अहमियत : सीएम धामी

प्रकोष्ठों का विस्तार बताता है, भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर : सीएम धामी

बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद अहम होगी : भट्ट

देहरादून। भाजपा प्रदेश प्रकोष्ठों की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा, कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव और समर्पण से भाजपा अजेय बनी हुई है। अब प्रकोष्ठों को सरकार के कामों को हर वर्ग तक पहुंचाकर, पार्टी की जीत को अधिक प्रचंड बनाना है। भाजपा के लिए राजनीति सेवा का माध्यम, तभी आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों की हमारे लिए अहमियत है, जो बताता है भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद अहम होने जा रही है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, भाजपा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर चलने वाला एक जीवंत जीवंत विचारधारा है। और इस विचार को समाज के अंतिम छोर तक खड़े हुए विभिन्न आय वर्ग और सामाजिक वर्ग के लोगों तक पहुंचाने का काम कोई करता है, समाज के हर वर्ग तक पहुंचने में पार्टी का कोई माध्यम बनता है, तो हमारे प्रकोष्ठ बनते हैं। आज हमारे पास चिकित्सा,सहकारिता, सांस्कृतिक, व्यवसायिक, आपदा प्रबंधन, पर्यटन गतिविधि, खेल सभी क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न प्रकोष्ठ हैं। उसमें आप सभी लोगों को इस क्षेत्र में अपनी एक विशेषज्ञता के साथ, पार्टी के अनुभव और समाज का अनुभव है का सामंजस्य बनाते हुए सरकार और पार्टी के कामों को जन जन तक पहुंचाना है। आप लोगों की क्षमता, अनुभव और समर्पण हमे अन्य पार्टियों के सामने अजेय बनाता है।

उन्होंने कहा, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों में यही प्रमुख अंतर है कि अन्य दल सिर्फ चुनाव के समय में वोट ढूंढने के लिए निकलते हैं। और हम लोग 365 दिन समाज के हर वर्ग की सेवा के लिए काम करते है। क्योंकि भाजपा राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानती है। हम लोग सरकार में इसलिए आना चाहते हैं कि इसके माध्यम से समाज की सेवा करें, राष्ट्र के उन्नयन में अपना योगदान दें, समाज के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति को आगे लाने का कार्य करें।

उन्होंने प्रशंसा करते हुए कहा, इस बार हमारी पार्टी ने अपने संगठन के दायरे को बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, स्वयं सहायता प्रकोष्ठ को भी बहुत प्रमुखता दी है। चूंकि उत्तराखंड एक संवेदनशील हिमालय राज्य है, हमने आपदाओं का दर्द भी देखा है और उनसे लड़ने का साहस भी दिखाया है। पार्टी का एक सिद्धांत कि’जहां कम, वहां हम’—इस उक्ति को भी हमने चरितार्थ किया है। जब भी राज्य या देश पर कोई आपत्ति आती है, तो सरकार और प्रशासन तो अपना काम करते हैं।

लेकिन ऐसे विपरीत समय में सबसे पहले समाज खड़ा होता है। और समाज को दिशा देने का काम हमारे पार्टी के कार्यकर्ता करते हैं। ऐसे कठिन समय में हमारे कार्यकर्ता राहत के काम हों, बचाव के कार्य हों, उन सभी में योगदान देते हैं; चाहे आपदा हो, चाहे कोरोना जैसी महामारी हो, या कोई अन्य कोई असमय आने वाली विपत्ति हो। हमारे कार्यकर्ता राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए, समाज को सर्वोपरि मानते हुए संकट की घड़ी में आगे बढ़ते हैं।

उन्होंने आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के संयोजकों से आग्रह किया कि आप लोग ब्लॉक स्तर पर ऐसे युवाओं की टोली अवश्य तैयार कीजिए, जो आपदा के समय में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनें यानी कि सबसे पहले वहां पर जाएं। हमें जनता के दिलों में यह विश्वास जगाना है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हर मुश्किल में उनके साथ खड़ा है। यह भाव, यह विश्वास आम जनता में पैदा करने का काम हमारे प्रकोष्ठ के आप सभी महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के माध्यम से होना है।

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