77 वर्षीय महिला हत्याकांड का खुलासा, चोरी के इरादे से घुसे तीन आरोपी गिरफ्तार

शिमला/रोहड़ू: हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के तहत आने वाले शलाश डोगरी क्षेत्र में हुई 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अंधाधुंध हत्या के मामले को शिमला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल नेपाली मूल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपी चिड़गांव और टिक्कर क्षेत्र के सेब के बगीचों में काम करते हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शिमला, मेहर पंवर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 17 जून की सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि गीता देवी (77) अपने घर में मृत अवस्था में पाई गई हैं। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, खुफिया सूत्रों और कड़े प्रयासों की मदद से जब संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चोरी के इरादे से बुजुर्ग महिला के घर में दाखिल हुए थे। इसी दौरान महिला की आंख खुल गई और उन्होंने आरोपियों को देख लिया। अपनी पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने बुजुर्ग महिला पर डंडे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी मौके से ₹10,000 की नकदी और सोने का एक पेंडेंट चुराकर फरार हो गए थे।

आरोपियों की हुई पहचान, सामान बरामदगी की कोशिश जारी
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

लाल बहादुर उर्फ लालू (28 वर्ष): निवासी नेपाल, वर्तमान में टिक्कर क्षेत्र।

नवीन (19 वर्ष): निवासी नेपाल, वर्तमान में चिड़गांव क्षेत्र।

संतोष (20 वर्ष): निवासी नेपाल, वर्तमान में टिक्कर क्षेत्र।

पुलिस ने रोहड़ू थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि चोरी की गई नकदी और सोने के पेंडेंट को बरामद किया जा सके।

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