भीषण गर्मी की चपेट में उत्तराखंड,ऑरेंज अलर्ट जारी

आयुषी

उत्तराखंड इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। राज्य के मैदानी इलाकों में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी देहरादून में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में और वृद्धि हो सकती है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और आसपास के इलाकों में दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीट वेव जैसे हालात बन गए हैं।

सुबह से ही चटक धूप लोगों को परेशान कर रही है, जबकि दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में लोगों की आवाजाही कम देखी जा रही है।भारतीय मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है और कुछ क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की है। चिकित्सकों का कहना है कि तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, हालांकि मैदानी क्षेत्रों की तुलना में वहां स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदलते पैटर्न के कारण इस वर्ष गर्मी का प्रभाव अधिक देखने को मिल रहा है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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