देहरादून में बरसे बादल, तापमान में भारी गिरावट

आयुषी

उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले दो दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही रुक-रुक कर बारिश ने गर्मी के तेवरों को काफी हद तक शांत कर दिया है। खासकर राजधानी देहरादून में शुक्रवार सुबह करीब एक घंटे तक हुई लगातार बारिश का असर तापमान पर साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देहरादून में 27.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते अधिकतम तापमान में लगभग छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और यह 29.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

जून महीने की शुरुआत आमतौर पर उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस लेकर आती है, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। लगातार बदलते मौसम और समय-समय पर हो रही बारिश ने लोगों को तपती गर्मी से राहत दिलाई है। सुबह हुई बारिश के बाद देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया। तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों ने जून में भी हल्की ठंडक का एहसास किया।बारिश का असर केवल तापमान तक सीमित नहीं रहा। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और तूफान के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। कुछ स्थानों पर सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि वन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क मार्गों को जल्द साफ कराया, जिससे यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान मौसम परिवर्तन के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता एक प्रमुख कारण है। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन का प्रभाव भी मौसम के पैटर्न में बदलाव ला रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में मौसम की अनिश्चितता बढ़ी है, जिसके कारण कभी अत्यधिक गर्मी, कभी असामयिक बारिश और कभी तेज तूफान जैसी स्थितियां देखने को मिल रही हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 11 जून तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। इस दौरान तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा नीचे रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।शनिवार के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई है। विभाग ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी के अनुसार, इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले क्षेत्रों, कमजोर संरचनाओं और बड़े पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ सकता है। किसानों को समय पर नमी मिलने से कई फसलों को लाभ होने की संभावना है। वहीं पर्यटन स्थलों पर पहुंचे पर्यटकों ने भी सुहावने मौसम का आनंद लिया। मसूरी, नैनीताल और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडी हवाओं और बादलों ने पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बना दिया।फिलहाल उत्तराखंड में मौसम राहत भरा बना हुआ है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों से लगातार जारी अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। आने वाले कुछ दिनों तक बारिश और ठंडी हवाओं का यह दौर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

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