उत्तराखंड में पंचायतों के 3800 पद खाली, जल्द होंगे उपचुनाव

आयुषी

उत्तराखंड में पंचायत व्यवस्था इस समय बड़े स्तर पर जनप्रतिनिधियों की कमी से जूझ रही है|प्रदेशभर में ग्राम प्रधान,ग्राम पंचायत सदस्य,छेत्र पंचायत सदस्य(बीडीसी)और जिला पंचायत सदस्यों सहित 3800 से अधिक पद खाली पड़े है जिसके चलते कई छेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे है|वहीं 33 ग्राम पंचायतें अभी भी असंगठित स्तिथि में है,जिससे उन्हें केंद्र सरकार की सहायता नहीं मिल पा रही हैं|

पंचायत निदेशालय ने इन खाली पदों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है|प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया शुरू की जा सकती है|

जानकारी के मुताबिक ग्राम प्रधान,छेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य समेत कई पद विभिन्न जिलों में रिक्त है|अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों में जनप्रतिनिधियों की कमी के कारण विकास योजनओं के संचालन और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने में दिक्कतें आ रही है|

इसके अलावा प्रदेश की 33 पंचायतें अभी तक असंगठित है|इन पंचायतों में नियमित बैठकें नहीं हो पा रही हैं और न ही इन्हें केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मिल रही है|इससे ग्रामीण छेत्रों में विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा|

सरकार की ओर से जल्द निर्णय होने की उम्मीद जताई जा रही है,ताकि पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढाया जा सके|

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