नई दिल्ली: गंगा और उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता को लेकर दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में उत्तराखंड के लिए नई योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के महानिदेशक, नमामि गंगे परियोजना के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा और उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक के बाद मिश्रा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार को मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) की क्षमता बढ़ाने और नए एसटीपी लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। ये प्रस्ताव अगले 10 से 15 दिनों में केंद्र को भेजे जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आने वाले कुंभ मेले को देखते हुए विशेष परियोजनाओं की स्वीकृति की संभावना भी है, ताकि गंगा में बढ़ते प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि केवल एसटीपी ही नहीं, बल्कि मौजूदा परियोजनाओं का अपग्रेडेशन भी जरूरी है, ताकि नदियों में गिरने वाले गंदे पानी को पूरी तरह रोका जा सके।
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने भरोसा जताया कि राज्य और केंद्र सरकार की संयुक्त कोशिशों से गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ बनाने के अभियान को नई दिशा मिलेगी। मिश्रा ने कहा कि यह केवल पर्यावरण की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और सांस्कृतिक धरोहर की भी जिम्मेदारी है।

