उत्तराखंड में युवा पेशेवरों का मिलेगा 35 हजार रुपये मानदेय, पीएम स्वनिधि में 5000 स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण

देेहरादून। उत्तराखंड के सरकारी विभागों की कार्यक्षमता बढ़ाने को रखे जाने वाले युवा पेशेवरों को प्रति माह अब 35 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। राज्य में मुख्यमंत्री उत्तराखंड युवा पेशेवर नीति लागू कर चुकी है। इसके तहत राज्य के विभिन्न विभागों में 11 महीनों के लिए युवा पेशेवरों से काम लिया जाएगा। इसके लिए उन्हें उक्त टोकन मनी दी जाएगी। पहले यह टोकन मनी 15 हजार रुपये तय की गई थी। अब इसमें इजाफा किया गया है। अपर सचिव मेजर योगेंद्र यादव ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

पीएम स्वनिधि में 5000 स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना (पीएम-स्वनिधि) के तहत अभी तक राज्य में पांच हजार से ज्यादा स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण किया जा चुका है। राज्यभर में इनकी संख्या 10 हजार के लगभग है। जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई पीएम स्वनिधि की समीक्षा बैठक के दौरान ये जानकारी सामने आई। सचिव शहरी विकास शैलेश बगौली ने बताया कि सभी जिलों में जिलाधिकारियों द्वारा स्ट्रीट वेंडरों के पंजीकरण की प्रक्रिया तेज कराई गई है। जल्द ही सभी स्ट्रीट वेंडरों का पंजीकरण होगा। उन्होंने बताया कि अब यह बैंकों पर निर्भर है कि वे स्ट्रीट वेंडर को योजना के तहत 10 हजार रुपये तक के ऋण मुहैया कराएं। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों से कहा गया है कि वे बैंकों से समन्वय बनाते हुए स्ट्रीट वेंडरों को इस योजना का लाभ दिलाएं। साथ ही जिलों से पलायन कर चुके स्ट्रीट वेंडरों के बारे में भी जानकारी जुटाएं।

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