देहरादून: पुल के निचे मिली गर्भवती महिला दुष्कर्म का मामला आ रहा है सामने, दून महिला अस्पताल ने पीड़िता के उपचार में की आनाकानी

देहरादून के सेलाकुई से थोडा आगे रामपुर पुल के निचे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला प्रसव पीड़ा में कराहती मिली है, बताया जा रहा है कि इस महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है। एक NGO ने इस मामले को उठाया है और पुलिस में इस मामले की तहरीर दी है। NGO संचालिका का कहना है कि उन्होंने अपनी तहरीर में 3 लोगों के नाम भी दिए थे लेकिन पुलिस ने मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया है।

NGO संचालिका पूजा बहुखंडी ने 108 की मदद से पीड़ित महिला को दून महिला अस्पताल भर्ती करा दिया था। लेकिन दून महिला अस्पताल प्रबंधन द्वारा पीड़िता के उपचार में आनाकानी करने पर NGO संचालिका ने अन्य लोगों के साथ मिल कर अस्पताल में हंगामा किया जिससे मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को भर्ती करा दिया, अस्पताल प्रबंधन को मज़बूरी में पीड़ित महिला का उपचार करना पड़ा। जांच में पता चला था कि उसकी गर्भावस्था का समय पूरा हो गया है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में साढे़ चार किलो का शिशु होने के कारण महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों ने डिलीवरी के लिए तीन दिन का समय दिया है।

Loading...

गर्भवती महिला करीब ढाई साल से एक बाबा के साथ पुल के नीचे रह रही थी। बाबा उसे हरिद्वार से अपने साथ लाया था। सेलाकुई चौकी प्रभारी नवनीत भंडारी ने बताया कि NGO संचालिका की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष सहसपुर विजय सिंह ने बताया कि अज्ञात मिस्त्री नाम के व्यक्ति की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। NGO संचालिका पूजा बहुखंडी ने पुलिस को दी तहरीर में तीन लोगों का उल्लेख करते हुए उन पर महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस ने मुकदमा एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया है।

मुकदमे में आरोपियों के नाम शामिल नहीं करने की बात सामने आई तो मीडिया ने यह सवाल सहसपुर थानाध्यक्ष विजय सिंह के सामने रखा। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह गलत है। मामले में जितने लोगों के खिलाफ शिकायत है उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाएगी। इस संबंध में सेलाकुई चौकी प्रभारी से पूरी जानकारी लेने के बाद आरोपियों के नाम मुकदमे में जोड़े जाएंगे।

एनजीओ संचालिका पूजा बहुखंडी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष ने अजन्मे बच्चे का सौदा भी कर लिया था। उन्हें पता चला कि आरोपियों ने एक परिवार को आने वाले शिशु को सौंपने का वादा किया है। इसके बदले परिवार उन्हें 22 हजार रुपये देगा।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *