बिहार में तेजस्वी नहीं बिखेर पाएंगे जादू? सर्वे में बीजेपी को 85, जेडीयू को 70 सीटों का अनुमान

ओपिनियन पोल के अनुसार एलजेपी को सिर्फ 5 सीटें मिलती दिख रही हैं। अनुमान के अनुसार एनडीए से अलग होने के बाद चिराग पासवान को कुछ खास फायदा होता नहीं दिखा।

नई दिल्‍ली। बिहार में 10 नवंबर को तय हो जाएगा कि वहां किसकी सरकार बनेगी और कौन वहां मुख्‍यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होगा। बिहार में 28 अक्‍टूबर से 3 चरणों में मतदान शुरू होना है। इस बीच टाइम्‍स नाउ और सी वोटर का ओपिनियन पोल सामने आया है। इसमें इस बात का आकलन साफ है कि आखिर चिराग पासवान, तेजस्‍वी यादव और नीतीश कुमार के बीच किस हद तक का मुकाबला होने वाला है। हालांकि इस सर्वे में इस त्रिकोणीय मुकाबले में जीत नीतीश कुमार की होती दिख रही है। ओपिनियन पोल के अनुसार इस बार फिर नीतीश कुमार सत्‍ता में वापसी करेंगे।

बिहार चुनाव 2020 में मुख्‍यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार और तेजस्‍वी यादव के बीच सीधा मुकाबला है। साथ ही इस बार चिराग पासवान भी चुनाव में प्रमुख चेहरा बने हुए हैं। टाइम्‍स नाउ और सी वोटर सर्वे के मुताबिक, आगामी चुनावों में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन वाली एनडीए 48।2 फीसदी वोटों के साथ 160 सीटें जीत सकती है। यहां गौर करने वाली बात यह है कि बीजेपी को 85, जबकि जेडीयू को 70 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं महागठबंधन की अगर बात करें तो आरजेडी को 56 सीटें, जबकि कांग्रेस को महज 15 सीटें मिलने का अनुमान है, जो पिछले बार के मुकाबले 102 सीट कम है।

तेजस्‍वी यादव के अलावा नीतीश कुमार को इस बार चिराग पासवान भी टक्‍कर दे रहे हैं। बिहार चुनाव से पहले चिराग पासवान एनडीए से अपना नाता तोड़ चुके हैं। हालांकि उन्‍होंने यह भी बात साफ की थी कि वह चुनाव मैदान में एनडीए के खिलाफ नहीं बल्कि सिर्फ जेडीयू के खिलाफ चुनाव में हैं।टाइम्‍स नाउ और सी वोटर सर्वे के अनुसार चिराग पासवान की चुनावी हवा जमनी स्‍तर पर कम दिख रही है। ओपिनियन पोल के अनुसार एलजेपी को सिर्फ 5 सीटें मिलती दिख रही हैं। अनुमान के अनुसार एनडीए से अलग होने के बाद चिराग पासवान को कुछ खास फायदा होता नहीं दिखा। एलजेपी 2015 के विधानसभा चुनाव में भी अच्‍छा प्रदर्शन करती नहीं दिचााई दी थी।

 

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