उत्तराखंड परिवहन निगम – करोड़ों की संपत्ति होने पर भी मुख्यालय किराए में

Related imageउत्तराखंड परिवहन निगम करोड़ों की संपत्ति का मालिक होने के बाद भी किराएदार बना हुआ है। उत्तराखंड का परिवहन निगम बने हुए तकरीबन 17 साल हो गए हैं, लेकिन इतने समय बाद भी निगम अपना मुख्यालय नहीं बना सका।

उत्तराखंड परिवहन निगम के अन्य कार्यालय तो अपने भवनों में चल रहे हैं, लेकिन मुख्यालय किराए के भवन में चल रहा है। इसका किराया करीब सवा लाख रुपये महीना चुकाया जा रहा है यानी 15 लाख रुपये हर साल। करोड़ों रुपये का सालाना घाटा झेल रहा निगम 15 लाख रुपये का अतिरिक्त बोझ हर साल क्यों उठा रहा है ?

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परिवहन निगम के पास देहरादून ही नहीं पूरे प्रदेश के हर जिले में अपनी संपत्ति है। देहरादून में हरिद्वार रोड की कार्यशाला और गांधी रोड का पुराना बस अड््डे समेत मंडलीय कार्यालय और ट्रांसपोर्टनगर में प्रस्तावित कार्यशाला के लिए कई एकड़ जमीन है।

उत्तराखंड परिहवन निगम महाप्रबंधक दीपक जैन कहते है कि निर्माण का बजट न होने से परिवहन निगम मुख्यालय निर्माण नहीं हो सका है। यह सही है कि निगम के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है, लेकिन उस पर निर्माण का बजट कहां से लाएं ? गांधी रोड के मंडलीय कार्यालय के पुराने भवन को तोड़कर वहां मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव है जिससे मुख्यालय भी वहीं शिफ्ट हो सके। बजट की उपलब्धता होने पर ही यहां निर्माण शुरू हो पाएगा।

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