पत्रकारों के आंदोलन (‘ताला और माला’ एवं ‘बुद्धि-शुद्धि यज्ञ’) पर मौन मुद्रा में उत्तराखंड सरकार

देहरादून। देहरादून सूचना निदेशालय में पिछले कुछ दिनो से पत्रकारों का प्रदर्शन जारी है। चुनिंदा सामाचार पत्रों और चैनलों पर बरती जा रही मेहरबानी से नाराज पत्रकारों ने इससे पहले भी सूचना महानिदेशक के नाम एक ज्ञापन दिया और अपनी मांगों को पूरा करने की बात की। लेकिन संतुष्टी पूर्वक कार्यवाही न होने के कारण पत्रकारों ने सूचना निदेशालय के गेट पर ताला भी जड़ा और धरने पर भी बैठे। इसके बाद भी जब पत्रकारों की नहीं सुनी गई तो उन्होंने सूचना विभाग में ‘बुद्धि-शुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया।
बता दें कि पत्रकारों के धरने का ये तीसरा दिन है। इससे पहले पत्रकारों ने ये चेतावनी भी दी थी कि मसूरी में होने वाले हिमालयन कान्क्लेव में अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। लेकिन उत्तराखंड राज्य की छवि को ध्यान में रखते हुए पत्रकारों ने ये फैसला वापस ले लिया, लेकिन अपने हक की बात पर पत्रकार अड़े रहेंगेे।
पत्रकारों ने सूचना विभाग पर अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग काफी समय से विज्ञापनों पर सौतेला रवैया अपनाता है और नियम कायदों को किनारे रखकर चुनिंदा सामाचार पत्र और चैनलों को ही विज्ञापन बांटता रहा है। पत्रकारों का कहना है कि अभी भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो ये आंदोलन बढता रहेगा और विभाग के भेदभाव पूर्ण रवैए का नुकसान सरकार को ही होगा।

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