उत्तराखंड सरकार ने 15 दिन में दूसरी बार लिया 250 करोड़ का कर्ज

देहरादून। उत्तराखंड में कर्मचारियों के वेतन-पेंशन बोझ के कारण एक सप्ताह बाद ही फिर से 250 करोड़ का कर्ज उठाने पर सरकार को मजबूर कर दिया। जबकि इसी महीने में 500 करोड़ का कर्ज लेने के बाद वित्तीय वर्ष के चार महीनों में ही कर्ज का आंकड़ा 1000 करोड़ पहुंच गया है।

उत्तराखंड सरकार के हाल कुछ इस तरह हैं पहले सातवां वेतनमान और एरियर उसके बाद भत्तों के साथ महानुभावों पर बरसाई गई मेहरबानी ने सरकारी खजाने का बोझ काफी बढ़ा दिया है। हालात ये ही कि कार्मिकों के वेतन, मानदेय, पेंशन समेत विभिन्न देयों पर जिस तरह खर्च बढ़ रहा है, उसकी तुलना में राज्य सरकार की आमदनी में इजाफा नहीं हो रहा है इसलिए सरकार बाजार से कर्ज उठाने पर मजबूर हो गई है।

बता दें कि दो महीने सुकून से गुजरने के बाद सरकार के लिए फिर से कठीन हालात बन गए हैं। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष 2019-20 के पहलेRelated image महीने अप्रैल में ही 500 करोड़ कर्ज लिया था जिससे मई और जून के दो महीने में कर्ज नहीं लेना पड़ा। लेकिन जून महीने में ही सरकार ने कार्मिकों के पेंशन व वेतन और दायित्वधारियों की सुविधा बढ़ाने आदि के कई फैसले लिए जिससे से सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ बढ़ गया। पहले हर महीने का खर्च एक हजार करोड़ के करीब था, लेकिन अब यह खर्च डेढ़ हजार करोड़ पार कर गया है।

इस बीच हिमालयन कॉन्क्लेव के आयोजन का बोझ भी सरकार पर पड़ा है, सरकार ने इसी 16 तारीख को 250 करोड़ कर्ज लिया था और अब 15 दिन बाद ही फिर से 250 करोड़ का कर्ज लिया है। सरकार अब तक कुल 1000 करोड़ कर्ज ले चुकी है और वित्त सचिव अमित नेगी ने 250 करोड़ कर्ज लेने की पुष्टि करते हुए कहा कि सरकार को विकास कार्यो के लिए धन की जरूरत पड़ती रहती है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *