विश्व धरोहर फूलों की घाटी एक जून से पर्यटकों के लिए खुल जाएगी, वन्य जीव तस्करों पर नजर रखने को विभाग लेगा ट्रैप कैमरे की मदद

उत्तराखंड की फूलों की घाटी को कौन नहीं जनता। इतने मनोरम दृश्य, सुघंधित वातावरण प्रकृति का ऐसा नजारा और कहीं देखने को नहीं मिल सकता। विश्व धरोहर फूलों की घाटी एक जून से पर्यटकों के लिए खुल जाएगी। वन विभाग ने भी इस बार कमर कश राखी है। वन विभाग ने इस बार ट्रैप कैमरों से वन्य जीव तस्करों पर नजर रखने की योजना बनाई है। इसके लिए विभाग ने फूलों की घाटी में 6 ट्रैप लगाए हैं। इसके अलावा इन कैमरों से दुर्लभ प्रजाति के जीवों पर भी नजर रहेगी जिससे यह पता लग सके की घाटी में कौन से दुर्लभ प्रजाति के जीव हैं।

फूलों की घाटी में वन्य जीव तस्करी को लेकर विभाग सतर्क हो गया है। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती ने बताया कि इन दिनों घाटी में दो फीट बर्फ जमी है। इस दौरान घाटी में दुर्लभ प्रजाति के जीव दिखाई देते हैं, जिससे वन्य जीव तस्करों का खतरा बढ़ जाता है। इन तस्करों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त के साथ घाटी में 6 ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। इन कैमरों की बराबर मॉनीटरिंग की जाएगी।

वहीं इस बार फूलों की घाटी जाने के लिए पर्यटकों की संख्या निर्धारित की जाएगी। वन विभाग की अनुमति के बाद ही पर्यटक घाटी की यात्रा कर सकेंगे। इकोलॉजी सेंसिटिव जोन होने के कारण एक समय में कितने पर्यटक जाएंगे, इनकी संख्या भी वन विभाग ही तय करेगा। पर्यटन विभाग की ओर से फूलों की घाटी जाने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी किए गए हैं।

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