उत्तराखंड में प्रमोशन पाने के लिए बिजली कर्मचारियों को बुढ़ापे में देना होगा इम्तिहान

देहरादून। ऊर्जा निगम में टीजी टू से जूनियर इंजीनियर के पद पर प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को बुढ़ापे में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग या उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की परीक्षा देनी पड़ सकती है। कर्मचारी संगठन इसका विरोध करते हुए विभागीय परीक्षा कराने का दबाव बना रहे हैं जबकि विभागीय परीक्षा के लिए मैनेजमेंट तैयार नहीं है। ऐसे में प्रमोशन को लेकर कर्मचारी संगठन और मैनेजमेंट आमने-सामने हैं।

ऊर्जा निगम से पहले पिटकुल और यूजेवीएनएल में टीजी टू से जेई के पद पर प्रमोशन हो चुके हैं। ऊर्जा निगम में प्रमोशन की प्रक्रिया बार-बार लटक रही है जबकि टीजी टू से जेई पद पर प्रमोशन को लेकर शासन 2018 में नियमावली भी बना चुका है। सचिव ऊर्जा राधिका झा के दबाव के बाद आवेदन भी मांग लिए गए।

इसके बाद भी मैनेजमेंट अभी तक यह तय नहीं कर पा रहा है कि परीक्षा कैसे कराई जाए। मैनेजमेंट के स्तर पर परीक्षा को लेकर सिर्फ गुणाभाग ही चल रहा है। कभी विभागीय परीक्षा की तैयारी की जाती है तो कभी अधीनस्थ सेवा आयोग और कभी प्राविधिक शिक्षा परिषद के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाता है।

अभी इस पूरे मसले पर अंदरखाने निदेशकों से रिपोर्ट ली गई, तो संस्तुति की गई कि विभाग की कमेटी बनाकर विभागीय परीक्षा कराई जाए। कमेटी में जल विद्युत निगम व पिटकुल के अफसरों को शामिल किया जाए। इसके बाद भी अब प्राविधिक शिक्षा परिषद को प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।

विभागीय समिति बनाकर हो परीक्षा

विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक इंसारुल हक ने कहा मैनेजमेंट को मांग के साथ सुझाव भी दिया है कि पिटकुल, यूजेवीएनएल के अफसरों को साथ लेकर एक विभागीय समिति बना परीक्षा करा ली जाए। प्राविधिक शिक्षा परिषद को जिम्मा देने का मतलब कई साल के लिए प्रमोशन को लटकाना है।

परीक्षा का प्रारूप तय करते हुए जल्द लिया जाएगा फैसला

ऊर्जा निगम के निदेशक मानव संसाधन एके सिंह ने कहा प्रमोशन के लिए नियमावली के अनुरूप परीक्षा कराई जानी है। प्रमोशन से जुड़ी परीक्षा किस रूप में संपन्न कराई जाए, इस पर अंतिम फैसला होना है। जल्द परीक्षा का प्रारूप तय करते हुए फैसला लिया जाएगा।

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