विधानसभा चुनाव में CM त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए ये योजना साबित होगी मददगार

मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत डेढ़ साल बाद होने वाले उत्‍तराखंड विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के सहारे जाना चाहते हैं और इसी वजह से उनका इस पर पूरा फोकस है।

उत्तराखंड में डेढ़ साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। सरकार चुनाव में स्वरोजगार के आकंड़ों के साथ जाना चाहती है। राज्‍य के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि सरकारी नौकरी सीमित है, इसलिए ज्‍यादा काम स्वरोजगार पर हो रहा है, जिसको लेकर कभी किसी ने कुछ सोचा ही नहीं?

राज्य में कोरोना की दहशत के बीच 6 महीने का वक्त बीत चुका है। कोरोना की शुरुआत के साथ ही कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना पर मुहर लगाई, ताकि घर लौटे युवाओं और प्रवासियों को रोजगार मिल सके। इसी को लेकर अब आकंड़े जारी किए गए हैं।

अब तक मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 1216 लोगों का 45 करोड़ का लोन मंजूर हुआ। वहीं, 86 प्रोजेक्ट के लिए 2 करोड़ 64 लाख रुपए का लोन बांटा जा चुका है। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 794 प्रोजेक्ट के लिए 65 करोड़ 91 लाख का लोन मंजूर हुआ है, जिसमें 38 करोड़ 54 लाख का लोन बंट चुका है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि सरकार का पूरा फ़ोकस स्वरोजगार पर है। राज्य का दुर्भाग्य ये रहा कि किसी ने स्वरोजगार की तरफ ध्यान नहीं दिया, लेकिन हमारी कोशिश राज्य के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की है। जबकि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की मॉनिटरिंग खुद सीएम कर रहे हैं, इसलिए जिलों में डीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि प्रोजेक्ट अप्रूव करने से लेकर बैंक लोन तक के काम पर नजर रखें।

राज्‍य के सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि 400 करोड़ की व्यवस्था जिला प्लान में की गई है, ताकि आसानी से स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा सके। कोरोना की मार सबसे ज़्यादा प्राइवेट सेक्टर पर पड़ी है। ऐसे में घर लौटे युवाओं के लिए जरूरी भी है और मजबूरी भी कि वो रोज़गार से जुड़ें। सरकार भी इस मुश्किल को मौके में बदलने की कोशिश में जुटी है।

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