उत्तराखंड का शेर समाज सेवी “रोशन रतूड़ी”

अमित अमोली

जब हम देखते हैं कि कोई समाज के लिए अपना कर्तव्य समझ रहा है और सिर्फ अपने अधिकारों के लिए ही आवाज नहीं उठता है बल्कि अपने अधिकारों से ज्यादा अपने कर्तव्य को पूरा करने में लगा हुआ है, तो यह सब समझ पाना बहुत ही मुश्किल होता है कि आखिर आज के समय में यह कौन है तो समाज के लिए इतना परेशान है। पहली बार में ऐसा लगता है कि नहीं-नहीं ऐसा नहीं हो सकता बिना स्वार्थ के तो कोई कुछ करता ही नहीं है और लग जाते हैं हम उस व्यक्ति का वह  जो हमको दिख नहीं रहा होता है। अब क्या करें हमने तो काम ही यह सिखा है कि कैसे किसी भी अच्छे काम में कमी निकली जाये, लेकिन अपना पूरा जोर लगाने  बाद भी हमको कुछ हासिल नहीं हूँ। अब आप लोग यह सोच रहे होंगे कि आखिर हम ऐसा कर क्यों रहे हैं, आखिर वह व्यक्ति है कौन जिसका स्वार्थ हम ढूँढ़ते रह गए लेकिन हाथ कुछ लगा तो सिर्फ इस व्यक्ति के द्वारा किये गए समाज के लिए कार्य। हैं कौन यह व्यक्ति ? इस व्यक्ति को कई नामों से जाना जाता है  देवदूत, समाज सेवी, सेवक,  उत्तराखंड का लाल आदि और हम इस व्यक्ति को जानते हैं रोशन रतूड़ी के नाम से। समाज सेवी रोशन रतूड़ी यह वह इंसान है जिसने न जाने कितने ही लोगों की मदद की है, कोई हिसाब नहीं है कि इन्होने इतने लोगों व परिवारों के चहरे पर ख़ुशी वापस लाई है।

आप लोग जानना चाहेंगे कि आखिर रोशन रतूड़ी जी ऐसा करते क्या हैं। रतूड़ी जी विदेश में रहते हैं और समय समय पर अपने देश भारत आते रहते हैं लेकिन इनका अधिकतर समय एक देश से दुसरे देश जाने में ही रहता है क्योंकि यह वह काम करते हैं जो सही मायनों में तो हमारी देश की सरकार को करना चाहिए। रतूड़ी जी अधिकतर ऐसे लोगों के लिए काम करते हैं जो दो रोटी कमाने के लिए अपना देश छोड़ कर दुसरे देश में चले जाते हैं और किसी भी तरीके के वहां फंस जाते हैं, कई बार तो अपने ही देश के अपने ही जान पहचान के लोगों की वजह से यह लोग फंस जाते हैं और कई बार यह लोग जहाँ नौकरी कर रहे होते हैं वहां के मालिकों की वजह से भी फंस जाते हैं। तब इन लोगों की हालत ऐसी हो जाती है जैसे समन्दर से किसी मछली को पकड़ कर किसी बोतल में बंद कर दिया हो, अपने परिवार से दूर बिना किसी सहायता के इन लोगों का जीवन कैसा होगा आप और हम सिर्फ अंदाजा ही लगा सकते हैं, लेकिन रोशन भाई उनके इस दर्द  महसूस भी करते हैं और उनसे यह देखा नहीं जाता। रोशन भाई बताते हैं कि उनको यह कार्य करने की प्रेरणा उनके माँ-पिताजी से मिली, उनका कहना था कि इस दुनिया में आये हो तो कुछ ऐसा करो कि आपको अपने होने पर गर्व हो। वह बताते हैं कि माँ-पिताजी ने ही उनको मानव सेवा करने के लिए प्रेरित किया। सन 2002 की बात है जब उन्होंने पहली बार किसी विदेश में फंसे व्यक्ति को निकल कर अपने देश वापस भेजा था और तब से यह सिलसिला रुका ही नहीं। आज तक रतूड़ी जी ने विदेशों में फंसे 575 से ज्यादा लोगों को वापस अपने देश भेजा है। प्रणाम है ऐसे माँ-पिताजी को जिन्होंने अपने लाल को यह सिख दी कि सबसे बड़ा धर्म मानव सेवा है।

वैसे तो यह काम हमारे देश के विदेश मंत्रालय का होना चाहिए था लेकिन कई बार रतूड़ी जी के द्वारा अपील करने के बाद भी हमारे देश के विदेश मंत्रालय के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है, रतूड़ी जी ने कई बार उत्तराखंड के सांसदों व विधायकों से भी अपील करी है कि वह भी चाहें तो इस विषय में कुछ कर सकते हैं आखिर उनको इन लोगों ने भी वोट दिया है और यह लोग उनके ही क्षेत्र के हैं। लेकिन बड़ी हैरानी होती है कि इतना बोलने के बाद भी किसी नेता ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है आज तक। दूसरी तरफ रोशन भाई बिना किसी सपोर्ट के अपने इस मिशन में लगे हुए हैं। आज तक इन्होने किसी से भी एक रुपये की भी मदद नहीं ली है। और वह बोलते भी हैं कि उनको किसी की मदद की जरुरत नहीं है वह अपने आप में इतने शक्षम हैं कि अपने इस मिशन को चला सकें। उनको अगर दर्द होता है तो सिर्फ इसलिए कि वह एक हैं और उनके पास भी सिर्फ दिन के 24 घंटे ही हैं। उनकी हमेसा अपने देश की सरकार से एक ही अपील रहती है कि वह भी इस ओर थोडा ध्यान दें यह लोग भी हमारे ही देश के हैं, इन्होने भी और इनके परिवारों ने भी आपको वोट दिया है तभी आपकी सरकार बनी है।

कुछ समय पहले हमको लगा कि कहीं रोशन भाई राजनीति में तो नहीं आना चाहते हैं, ये ही तो उनका स्वार्थ नहीं। लेकिन इस तरह की आवाज़ उठते ही उन्होंने साफ़ कर दिया कि वह कभी भी राजनीति में नहीं आयेंगे। उत्तराखंड का युवा तो चाहता है कि बस एक बार रोशन भाई राजनीति में आने के लिए हाँ बोल दें पूरा उत्तराखंड का युवा उनके साथ खड़ा है। कई बार हमने रोशन भाई के फेंस को यह चर्चा करते देखा है कि हमको CM रोशन भाई जैसा ही चाहिए। लेकिन रोशन भाई ने अपने फेंस का दिल यह कह कर तोड़ दिया कि वह कभी भी राजनीति में नहीं आयेंगे। लेकिन ऐसा बोलने से भी उनके फेंस रात दिन बढ़ ही रहे हैं।

थोड़े से समय में आपको ज्यादा जानकारी नहीं दे पाउँगा। रोशन रतूड़ी  जी वह शक्स हैं जिनके बारे में लिखने लगें तो पूरी किताब लिखनी पड़ेगी। लेकिन समय समय पर आपको रतूड़ी जी के कामों से अवगत कराता रहूँगा।

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