अमेरिका में महाभियोग की लड़ाई पहुंची अपनी चरम सीमा पर, ट्रंप ने इस जांच को बताया तख्तापलट

वाशिंगटन, एजेंसी |  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच अपनी चरम सीमाँ पर पहुँच चुकी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जांच को विपक्षी डेमोक्रेट पर हमला बताया है। इस जांच में ट्रंप के खिलाफ जाने वाले अमेरिकी संसद कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की हाउस इंटेलीजेंस कमेटी के अध्यक्ष एडम शिफ ने इस जांच को तेजी से आगे बढ़ाने का दावा किया है।ट्रम्प ने इस जांच को ‘तख्तापलट’ की कार्रवाई करार दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप और डेमोक्रेटिक सांसदों के बीच यह सत्ता की लड़ाई पूर्ण रूप से अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुकी है। एडम शिफ ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोंपियो को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वह शीर्ष राजनयिकों को कांग्रेस कमेटी के समक्ष गवाही देने से रोकने से बाज आ जाएँ नहीं तो उनके ऊपर भी कारवाई हो सकती है। ट्रंप ने कथित रूप से हथियारों की खरीद मामले में बिडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए जेलेंस्की से मदद मांगी थी। एक विसलब्लोअर ने फोन काल को लेकर प्रशासन से शिकायत की थी। इसी कारवाई के बाद से ट्रम्प के उपर  जांच शुरू हो गयी थी। आपको बता दें कि ट्रंप के उपर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंदी  बिडेन को एक भ्रष्टाचार के मामले में फंसाने के लिए उक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की को फोन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।

ट्रंप का कहना है कि उन्होंने जेलेंस्की के साथ फोन पर बातचीत में कुछ भी गलत नहीं किया है। बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी कहा कि ट्रंप और जेलेंस्की की बातचीत में कुछ भी गलत नहीं है। हालांकि, पुतिन के समर्थन का ट्रंप को लाभ मिलने की उम्मीद कम ही है क्योंकि ट्रंप पर पहले के चुनाव में पुतिन की मदद लेने के आरोप लगे थे। ट्रंप ने महाभियोग की जांच का जोरदार तरीके से विरोध किया है। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह महाभियोग नहीं, यह तख्तापलट है।’ बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर एडम शिफ को बीमार बताते हुए कहा कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। इससे पहले उन्होंने शिफ को गिरफ्तार करने की बात कही थी। ट्रंप ने विसलब्लोअर को भी जासूस बताया है और उसकी पहचान उजागर करने की मांग की है। यही नहीं ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर उन्हें पद से हटाया जाता है तो गृह युद्ध भड़क सकता है। वहीं मामले की जांच कर रही कमेटी ने व्हाइट हाउस से फोन काल संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर कानूनी नोटिस भेजने की चेतावनी दी है।

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