बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, स्कूल खोलने का फैसला राज्य सरकार करें: केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक

अनलॉक-5 में 15 अक्तूबर से स्कूल खोलने के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि केंद्र ने यह निर्णय राज्यों पर छोड़ा है। राज्य अपनी परिस्थितियों का आकलन करते हुए फैसला लेंगे। उन्होंने साफ किया कि राज्यों को बच्चों (विद्यार्थियों) की सुरक्षा का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा।

डॉ. निशंक देहरादून में प्रदेश भाजपा कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया कर्मियों से मुलाकात में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलने का निर्णय हमने राज्यों पर छोड़ा है। वे अपनी परिस्थितियों को देखें और चरणबद्ध ढंग से स्कूल खोलने के बारे में फैसला लें। उन्हें स्वयं अपने हालातों के हिसाब से प्राथमिकताएं तय करनी हैं।

निशंक ने नीट और जेईई परीक्षा के बारे में कहा कि हमने ये दोनों परीक्षाएं कराईं। अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को कराया। जेईई की परीक्षा को लेकर कुछ लोग राजनीतिक वातावरण बनाना चाहते थे, लेकिन हमने परीक्षा कराई। उन्होंने परीक्षा को सफल बताते हुए कहा कि पिछले साल इसमें 92 प्रतिशत छात्र बैठे थे।

इस बार 96 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा दी। नीट कोरोना काल की सबसे बड़ी परीक्षा रही जो सफलतापूर्वक हुई। उन्होंने कोरोना काल की परिस्थिति में आईआईटी के योगदान की भी तारीफ करते हुए कहा कि आईआईटी ने बहुत काम किए चाहे वेंटिलेटर हों या ड्रोन बनाने का विषय रहा हो। आईआइटी ने सस्ती, स्थायी और बहुत कम समय में कोरोना किट बनाकर अपना अहम योगदान दिया।

नई शिक्षा नीति को 95 प्रतिशत लोगों का समर्थन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सराहा गया है। नीति को 95 प्रतिशत से अधिक लोगों का समर्थन मिला है। दुनिया के 8-10 देशों ने कहा है कि वे अपने यहां इस नीति को लागू करेंगे।

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