15 अक्‍टूबर से इन शर्तों पर खुलेंगे स्कूल, सरकार ने जारी की गाइडलाइंस, जानिए क्या हैं नियम

नई दिल्ली। डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी के मुताबिक़ जो भी स्कूल खुलेंगे उन्हें राज्य सरकारों के नियमों का पालन करना होगा, जो हमारे SOP के आधार पर होगा। स्टैंडर्ड प्रोसिज़र को दो भागों में बांटा गया है. पहला- स्वास्थ्य, सफ़ाई और सुरक्षा से जुड़े नियम. और दूसरा- सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों से जुड़े नियम।

शिक्षा मंत्रालय ने सोमवार को 15 अक्टूबर से स्कूलों को खोलने से जुड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन गाइडलान्स के मुताबिक़ 15 अक्टूबर के बाद स्कूल और कोचिंग संस्थान क्रमबद्ध तरीक़े से खोले जा सकते हैं।
हालांकि स्कूल और शिक्षण संस्थान खोलने का फ़ैसला राज्य और केंद्र शासित राज्यों के हाथ में होगा।

मंत्रालय का कहना है कि राज्य चाहें तो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिज़र (SOP) का पालन अपने स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से भी कर सकती हैं। 30 सितंबर को जारी गृहमंत्रालय के आदेश के मुताबिक़, “राज्य और केंद्र शासित राज्य 15 अक्टूबर के बाद क्रमबद्ध तरीक़े से स्कूल खोलने को लेकर फ़ैसला ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्कूलों और कोचिंग संस्थानों के प्रबंधन से बातचीत करनी होगी. इससे लिए राज्य ख़ुद स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े स्टैंडर्ड प्रोसिज़र (SOP) तैयार करें जो शिक्षा मंत्रालय के एसओपी पर आधारित होनी चाहिए.”

शिक्षा मंत्रालय की गाडलाइन कहती है कि सफ़ाई, हाइजीन से जुड़ी तैयारी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन को संस्थान खुलने से पहले ही सुनिश्चित करना होगा। इसके अंतर्गत सैनेटाइजेशन, हाथ साफ़ करने की उचित व्यवस्था का ख्याल रखना होगा।

प्रवेश और बाहर निकलने की समुचित व्यवस्था, हॉस्टल की साफ़ सफ़ाई और उसका समुचित सैनिटाइजेशन इन सबसे जुड़ी जानकारियां सरकार के स्टैंडर्ड प्रोसिज़र से जुड़ी गाइडलाइन में दिया गया है।

स्टैंडर्ड प्रोसिज़र में स्कूल खुलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े नियमों का भी जानकारी दी गई है। दो लोगों के बीच 6 फ़ीट की दूरी होना अनिवार्य है, क्लासरूम, लैब और खेल के मैदान में भी मास्क पहनना ज़रूरी होगा. हर जगह हाथ धुलने का इंतज़ाम। प्रवेश द्वार पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।

डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी के मुताबिक़ जो भी स्कूल खुलेंगे उन्हें राज्य सरकारों के नियमों का पालन करना होगा, जो हमारे SOP के आधार पर होगा.

स्टैंडर्ड प्रोसिज़र को दो भागों में बांटा गया है. पहला- स्वास्थ्य, सफ़ाई और सुरक्षा से जुड़े नियम. और दूसरा- सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों से जुड़े नियम।

शिक्षा मंत्रालय की गाडलाइन कहती है कि सफ़ाई, हाइजीन से जुड़ी तैयारी स्कूलों, शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन को संस्थान खुलने से पहले ही सुनिश्चित करना होगा. इसके अंतर्गत सैनेटाइजेशन, हाथ साफ़ करने की उचित व्यवस्था का ख़्याल रखना होगा।

प्रवेश और बाहर निकलने की समुचित व्यवस्था, हॉस्टल की साफ़ सफ़ाई और उसका समुचित सैनिटाइजेशन इन सबसे जुड़ी जानकारियां सरकार के स्टैंडर्ड प्रोसिज़र से जुड़ी गाइडलाइन में दिया गया है।

स्टैंडर्ड प्रोसिज़र में स्कूल खुलने के बाद सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े नियमों का भी जानकारी दी गई है. दो लोगों के बीच 6 फ़ीट की दूरी होना अनिवार्य है, क्लासरूम, लैब और खेल के मैदान में भी मास्क पहनना ज़रूरी होगा. हर जगह हाथ धुलने का इंतज़ाम. प्रवेश द्वार पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था होनी चाहिए।

अभिभावकों की सहमति ज़रूरी
सबसे अहम बात बच्चों के अभिभवकों के लिखित इजाज़त के बाद भी बच्चे स्कूल आ सकेंगे।

गाइडलाइन्स कहती हैं कि क्लास में उपस्थिति के नियमों को लेकर रियायत दी जाएगी।

अगर कोई चाहें तो ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प भी चुन सकता है।

मिड-डे मील के बनाने और उसे परोसने को लेकर एहतियात बरतने के नियम भी इन गाइडलाइन्स में बताए गए हैं।

नए दिशानिर्देशों में राज्य, केंद्र शासित राज्य, स्कूल के प्रमुख, अध्यापकों अभभावकों की ज़िम्मेदारी का भी विस्तृत ब्योरा दिया गया है।

  1. इनके अलावा एक यूनिसेफ़ की ओर से जारी ‘सेफ़ स्कूल एंवॉयरमेंट’ की चेकलिस्ट भी स्कूल अध्यापकों और अभिभावकों को दी जाएगी ताकि वो दिए गए नियमों का पालन करते हुए कोविड-19 के संक्रमण को रोक सकें।
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