देहरादून में करवाए जा रहे हैं कश्मीरी छात्रों से मकान खाली, पुलिस को किया गया अलर्ट

पुलवामा आंतकी हमले के बाद से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित प्रदेश में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलवामा आंतकी हमले के बाद शुक्रवार को देहरादून में पढ़ने वाले दो कश्मीरी छात्रों द्वारा सोशल मीडिया पर सेना के खिलाफ की गई अभद्र टिप्प्णी से देहरादून में माहौल बहुत खराब है और इसी वजह से कई कश्मीरी छात्रों से उनके मकान मालिकों ने अपने मकान खाली करवा दिए हैं।

पुलवामा में हुई आतंकी घटना को लेकर सोशल मीडिया पुलिस के रडार पर हैं। रेंज के पुलिस अधिकारियों को देहरादून और अल्मोड़ा की घटनाओं को लेकर अलर्ट किया गया है। डीआईजी अजय जोशी ने बताया कि अल्मोड़ा में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर एक युवक से पूछताछ जारी है। रेंज के अन्य जिलों के पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नैनीताल जिले के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया कि पुलिस टीमें काम कर रही हैं। गड़बड़ी मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अब तक केंद्र सरकार से कोई अलर्ट के लिए निर्देश जिला पुलिस के पास नहीं आए हैं। बता दें कि देहरादून में एक कश्मीरी छात्र की टिप्पणी से काफी लोग गुस्से में आ गए हैं।

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देहरादून के सुद्धोवाला क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं जिन संस्थानों में कश्मीरी छात्र पढ़ रहे हैं उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। वहीं पुलवामा आंतकी हमले के विरोध में आज देहरादून, नई टिहरी और बौराड़ी के बाजार बंद हैं। पुलवामा घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने प्रदेशभर में अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि कानून को हाथ में न लें। देशद्रोही गतिविधियों में संलिप्त लोगों की सूचना पुलिस को दें। पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।

राजधानी दून समेत अन्य जनपदों में आंतकी गतिविधियों को लेकर उड़ी अफवाहों और सोशल मीडिया पर जारी संदेशों के बाद पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल आदि संवेदनशील जनपदों की सुरक्षा बढ़ा दी है। डीजी अशोक कुमार ने सभी एसएसपी, एसपी को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर गश्त, पिकेट और चेकिंग कड़ी की जाए। घटना को लेकर लोगों में आक्रोश जायज है, पुलिस को भी इसका दुख है। लेकिन किसी को भी कानून हाथ में न लेने दें। उन्होंने खुफिया एजेंसी, थाना और चौकी पुलिस को पब्लिक प्लेस, समुदाय विशेष और अन्य स्थानों पर नजर रखने को कहा। सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेश को भी गंभीरता से लेने को कहा। किसी भी तरह की सूचना को हल्के में न लें।

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