बीएस कोश्यारी की शिफारिश पर महाराष्ट्र में लागू हुआ राष्ट्रपति शासन

महाराष्ट्र, ब्यूरो | महाराष्ट्र में सोमवार को दिनभर चली सियासी उठापटक के बावजूद सरकार गठन बनती नहीं दिख रही है। आज मंगलवार को यह फैसला हो सकता है कि राज्‍य में किसी की सरकार बनेगी या राष्‍ट्रपति शासन लागू होगा। भगत सिंह कोश्‍यारी ने राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है। न्‍यूज एजेंसी पीटीआइ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि केंद्रीय कैबिनेट ने भी राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन की सिफारिश की है। वहीं शिवसेना ने राष्‍ट्रपति शासन की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। एएनआइ ने सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राष्‍ट्रपति शासन की स्थिति में मामले को चुनौती देने के मसले पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्‍बल से बात की है।

शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके राज्‍यपाल फैसले को चुनौती दी है कि सरकार बनाने के लिए उसे पर्याप्‍त समय नहीं दिया गया। वकील सुनील फर्नांडीज ने शिवसेना की ओर से यह याचिका दाखिल की। राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी के ट्विटर हैंडलर पर राष्‍ट्रपति को सौंपी गई उस रिपोर्ट का एक हिस्‍सा शेयर किया है जिसमें उन्‍होंने संविधान के अनुरूप राज्‍य में किसी भी पार्टी की सरकार नहीं बनने का हवाला देते हुए राष्‍ट्रपति शासन की सिफारिश की है। राज्‍यपाल भगत सिंह कोश्‍यारी इस बात से मुतमइन हैं कि महाराष्‍ट्र में संविधान के अनुरूप सरकार नहीं बन सकती है। इसे देखते हुए उन्‍होंने संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों के अनुसार रिपोर्ट भेजी है। सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि केंद्रीय कैबिनेट ने भी महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन की सिफारिश कर दी है। हालांकि, राज्‍यपाल ने राकांपा को सरकार बनाने के लिए समर्थन पत्र देने के लिए रात साढ़े आठ बजे तक का समय दिया है। लेकिन यदि रात साढ़े आठ बजे तक राकांपा बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाती है तो राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन तय माना जा रहा है।

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