रिवर्स पलायन के साथ ही स्वरोजगार, और अब क्षेत्र विकास के लिए स्वच्छ राजनीति में बढ़ते कदम, यूथ आईकन हरि कपरुवान

उत्तराखण्ड राज्य में जहाँ युवक अपने रोजगार के लिए गाँव छोड़कर शहरों की तरफ जा रहे हैं, वहीं एक युवक अपनी शहर में अच्छी-खासी आमदनी छोड़कर अपने गाँव में आकर ना सिर्फ अपने लिए रोजगार किया बल्कि अपने गाँव के युवाओं को भी गाँव में ही रोजगार दिया। इसके साथ ही गाँव में पानी की समस्या, सड़क की समस्या का समाधान स्वयं के प्रयासों से किया। इस युवा को जब लगा कि सब काम स्वयं से नहीं हो सकते या बिना राजनीति हस्तक्षेप, और सरकारी बजट के अभाव में क्षेत्र का विकास संभव नहीं है तो उन्होनें इस ओर स्वयं कदम बढाये और उत्तराखण्ड के त्रिस्तरीय पंचायत में जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत में लोगों में योग्य उम्मीदवार के चयन के लिए जागरूकता लाने हेतु खुद प्रचार पर निकल पड़े। हम आज बात कर रहे हैं, यमकेश्वर ब्लॉक में छोटी बिजनी के मूल निवासी हरि कपरुवान, वाटिका कैम्प के संचालक हरि प्रसाद कपरुवान, जिन्होने पर्यटन और स्वरोजगार के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल किया है।

यमकेश्वर ब्लॉक में ग्राम सभा जोग्याणा के छोटी बिजनी गाँव के निवासी हरि प्रसाद कपरुवान जिन्होंने अपना गाँव खुद संवारों की नीति पर काम किया है। हरि कपरुवान जी का जन्म 01 मार्च 1977 मे हुआ इनके पिताश्री स्व दयाराम कपरुवान जी थे। सन 1994 में मोहनचट्टी से हाईस्कूल और शिवदयाल गिरी इण्टर काॅलेज दिउली से 12वी सन् 1996 में उत्तीर्ण की। उसके बाद हर युवा की तरह नौकरी प्रवास के लिए दिल्ली शहर चले गये वहां एक आईटी कम्पनी में जनरल मेनेजर के पद पर सुशोभित रहे। नौकरी के दौरान ही 2001 में बीबीए और 2013 में एमबीए की परीक्षा उत्तीर्ण की।

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हरि कपरुवान ने अपने गाँव में स्वरोजगार के लिए सपने तो बचपन में ही पाल लिये थे लेकिन 2013 में उनके सपनों ने उडान भरनी शुरू की। हरि कपरुवान जी के पास कुछ जमा पूंजी थी जिसका वह निवेश करना चाहते थे, उन्होंने इस पूंजी का निवेस अपने गाॅव में पर्यटन के तौर पर कैम्प व्यवसाय में करने की ठानी। उन्होने अपने ही गाँव के युवा सार्थियों को वहां रोजगार दिया, जहाँ 15-20 युवाओं को रोजगार मिला है। इन्होने अपने खेत में सागवान के हजारों पेड लगाये हैं साथ ही गाँव में अन्य वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से लगाये हैं। अपने गाँव में उन्होने मोटर लगाकर घर-घर में पानी की सुविधा उपलब्ध करवायी। स्वच्छ भारत अभियान से पहले ही हर घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया जिससे जागरूक होेकर लोगों ने पहले ही अपने घर में शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया। साथ ही उन्होने अपने कैम्प व गाँव के लिए संयुक्त प्रयासों से सड़क का कार्य भी शुरू करने की योजना बनायी।

हरि कपरुवान केवल व्यवसायिक ही नहीं बल्कि एक सामाजिक व्यक्ति के रूप में ज्यादा जाने जाते हैं। जब तक दिल्ली में रहे, वहां प्रतिष्ठित एनसीआर में उदयर पुर मण्डल के निवासियों की संस्था उदयपुर मण्डल के अध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही अलग-अलग गाँव जहाँ के लोगों के द्वारा स्वतः पम्पिंग योजना बनायी गयी उसमें आर्थिक सहायता के रूप में धनराशि प्रदान की। इसके साथ ही हरि कपरुवान जी यमकेश्वर के विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुडे हुए हैं, शिक्षा स्वरोजगार के क्षेत्र में अनूठा कार्य कर रहे हैं।

उत्तराखण्ड के वर्तमान में होने वाले पंचायत चुनाव में उन्होने जिला पंचायत भादसी और क्षेत्र पंचायत से अपना नामाकंन किया है, और गाँव-गाँव जाकर खुद के लिए नहीं बल्कि क्षेत्र के लिए एक योग्य उम्मीदवार के लिए ही मतदान करने की अपील कर रहे हैं। हरि कपरुवान का कहना है कि क्षेत्र का विकास युवाओं के द्वारा हो सकता है लेकिन उसके लिए प्रतिनिधित्व करने वाला व्यक्ति इन संवैधानिक पदों को रोजगार ना समझकर बल्कि जन सेवा समझकर आये। ऐसे व्यक्ति जो क्षेत्र हित में बेहतर कर सकता है।

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