उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए काम की ख़बर, जानें क्या लिया है देवस्थानम बोर्ड ने नया फैसला

देेेहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चार धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ा दी है। तीनों जिलों के डीएम की रिपोर्ट के आधार देवस्थानम बोर्ड ने यह फैसला लिया है। अब तक बदरीनाथ में रोज 1200, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 व यमुनोत्री में 450 श्रद्धालुओं को दर्शन की मंजूरी थी।

अब श्री बदरीनाथ धाम हेतु 3000 (तीन हजार) श्री केदारनाथ हेतु 3000 (तीन हजार)श्री गंगोत्री 900 (नौ सौ)तथा श्री यमुनोत्री 700 (सात सौ) तीर्थयात्री प्रति दिन दर्शन को पहुंचेंगे। इस तरह 7600 (सात हजार छह सौ) तीर्थयात्री चार धाम दर्शन हेतु आ सकेंगे। इसमें हेलीकॉप्टर से आनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या शामिल नहीं रहेगी। पहले यह संख्या अब चारों धामों हेतु 3000 ( तीन हजार ) मात्र थी।

अब इतने यात्री रोज जा सकेंगे

धाम तीर्थ यात्री
बदरीनाथ 3000
केदारनाथ 3000
गंगोत्री 900
यमुनोत्री 700

जानें कहां कराना होगा रजिस्ट्रेशन

www: https://badrinath-kedarnath.gov.in/

तीन बजे के बाद सोनप्रयाग से आगे प्रवेश नहीं, केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शाम तीन बजे के बाद सोनप्रयाग से आगे प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ऐसा रात के समय में धाम में सीमित संख्या में ही श्रद्धालुओं की मौजूदगी सुनिश्चित कराने के लिहाज से किया जा रहा है।

हरिद्वार, ऋषिकेश से ही सख्ती से होगी पास की जांच

बोर्ड ने तय किया है कि हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनिकीरेती, गौचर, सोनप्रयाग में ही पास की जांच होगी। यदि पास आगे की तारीख के होंगे, तो श्रद्धालुओं को वहीं रोक लिया जाएगा। इसके लिए हरिद्वार, देहरादून और टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली के जिलाधिकारियों को सख्ती से व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

सीईओ देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड रविनाथ रमन के बताया जिलाधिकारियों की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट के आधार पर नये सिरे से श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संख्या को बढ़ा दिया गया है। संख्या धामों में आवास, भोजन, शौचालय व अन्य जरूरतों के साथ ही सामाजिक दूरी के मानक के अनुसार तय की गई है।

  • देवस्थानम बोर्ड द्वारा आज 5 अक्टूबर शायं तक 3255 ई -पास जारी।
  • अभी तक एक लाख से अधिक ई- पास हुए जारी।
  • चारधाम यात्रा हेतु कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट की बाध्यता समाप्त होने के बाद आज ई -पास की संख्या बढ़ी।
  • तीन माह में कुल 102514 (एक लाख दो हजार पांच सौ चौदह ) ई- पास जारी हुए।
  • लोगों में चारधाम यात्रा के प्रति उत्साह, अभी तक 57 हजार से अधिक तीर्थयात्री चार धाम के दर्शन कर चुके हैं।
  • कोरोना बचाव मानकों का पालन सौशियल डिस्टेंसिग बनाये रखने हेतु अभी निर्धारित दूरी से ही हो रहे देव दर्शन।
  • अब अधिक तीर्थयात्रियों को चारधाम दर्शन की अनुमति।
  • 7600 तीर्थयात्री प्रतिदिन चारधाम आ सकेंगे।
  • पहले प्रतिदिन चारधाम हेतु कुल 3000 श्रद्धालुओं को अनुमति थी।

आज शाम तक उत्तराखंड देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड की वेबसाइट www.badrinath-kedarnath.gov.in से 3255 लोगों ने चार धामों हेतु ई -पास बुक कराये हैं। जिसमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए 967 श्री केदारनाथ धाम के लिए 1784 श्री गंगोत्री धाम हेतु 282 श्री यमुनोत्री धाम हेतु 222 लोगों ने ई पास बुक कराये है।

आयुक्त गढ़वाल/उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम् प्रबंधन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने यह जानकारी दी है कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा श्री यमुनोत्री धाम एवं गंगोत्री धाम में न्यासियों/ हकूकधारियों के सहयोग हेतु देवस्थानम बोर्ड के अधिकारियों/कर्मचारियों की तैनाती की है। उन्होंने कहा कि देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के तहत हक हकूकधारियों के सभी हित सुरक्षित हैं। कहा कि देवस्थानम द्वारा अब प्रदेश से बाहर लोगों को कोरोना निगेटिव जांच रिपोर्ट एवं क्वारंटीन की शर्तों को हटा दिया गया है। जिससे ई पास की संख्या बढ़ी इसी के मद्देनजर चमोली एवं उत्तरकाशी जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर चारों धामों में अधिक तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति दी गयी है। इसी अनुसार तीर्थयात्रियों हेतु स्वास्थ्य,आवास,भोजन, परिवहन सहित आवश्यक सुविधाएं जुटायी गयी हैं।

अब श्री बदरीनाथ धाम हेतु 3000 (तीन हजार) श्री केदारनाथ हेतु 3000 (तीन हजार)श्री गंगोत्री 900 (नौ सौ)तथा श्री यमुनोत्री 700 (सात सौ) तीर्थयात्री प्रति दिन दर्शन को पहुंचेंगे। इस तरह 7600 (सात हजार छह सौ) तीर्थयात्री चार धाम दर्शन हेतु आ सकेंगे। इसमें हेलीकॉप्टर से आनेवाले तीर्थयात्रियों की संख्या शामिल नहीं रहेगी। पहले यह संख्या अब चारों धामों हेतु 3000 (तीन हजार) मात्र थी।

चार धामों में तीर्थयात्रियों को मंदिरों में दर्शन हो रहे है जिसमें किसी तरह का कोई अवरोध नहीं है। चारधाम यात्रा के अच्छे परिणाम आये हैं। कोरोना महामारी से बचाव एवं रोकथाम हेतु थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजेशन के पश्चात ही मंदिरों में तीर्थ यात्रियों को प्रवेश दिया जा रहा है। मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है अभी मंदिरों में निर्धारित दूरी से देव दर्शन हो रहे हैं ताकि शोसियल डिसटेंसिंग बनी रहे तथा कोरोना बचाव के मानकों का पालन हो सके। यात्रा मार्ग पर देवस्थानम बोर्ड के यात्री विश्राम गृहों को तीर्थ यात्रियों की सुविधा हेतु खोला जा चुका है।

आवास के अलावा स्वास्थ्य सुविधाओं, जन सुविधाओं आदि की व्यवस्थायें चाकचौबंद की गयी है। तीर्थयात्रियों से अपेक्षा की जा रही है कि अति आवश्यक होने पर ही धामों में रूके। यह कोशिश रहे कि दर्शन के पश्चात तीर्थ यात्री निकटवर्ती स्टेशनों तक वापस आ जाये। मौसम तथा सड़कों की स्थिति की जानकारी रखें। सड़को की स्थितिअब सामान्य है। यात्रा मार्ग खुले हुए हैं। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि चारों धामों में धीरे-धीरे तीर्थ यात्रियों की आमद हो ताकि पर्यटन एवं तीर्थाटन को गति मिल सके। अब उत्तराखंड से बाहर के लोग भी बिना कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के चारधाम यात्रा हेतु ई पास बनाकर एवं स्वास्थ्य संबंधी मानक पूरे कर यात्रा कर सकते हैं। केवल कोरोना के लक्षणवाले लोगों के पाज़िटिव रिपोर्ट आने पर चारधाम यात्रा की अनुमति नहीं होगी जब तक कि उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव नहीं आ जाती। सामान्य जांच में कोरोना के लक्षण पाये जाने पर संबंधित जिला प्रशासन यात्री का कोविड-19 आरटी पीसीआर टेस्ट करवायेंगे। हेली काप्टर से आने वाले तीर्थयात्रियों को ई पास से छूट दी गयी है तथा हेली से दर्शन को पहुंचनेवाले तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी संबंधित हेली कंपनी की होगी।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी.सिंह ने बताया कि देवस्थानम बोर्ड द्वारा 1 जुलाई से 5 अक्टूबर शाम तक 102514 ई -पास जारी किये जा चुके हैं। ई पास तीर्थ यात्रियों को उनके द्वारा सुझाई गयी तिथियों हेतु जारी किये गये है। ई पास लेकर तीर्थयात्री दर्शन को पहुंच रहे हैं।

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