नीरज मुसाफिर की ‘अनदेखे पहाड़’ पुस्तक का विमोचन

देश के प्रसिद्ध घुमक्कड़ और चार यात्रा-पुस्तकों के लेखक नीरज मुसाफिर की पाँचवीं पुस्तक ‘अनदेखे पहाड़’ का विमोचन आज ऋषिकेश के पास मोहनचट्टी में नंदनवन कैंप में संपन्न हुआ। यह पुस्तक लेखक द्वारा उत्तराखंड में किए गए अलग-अलग ट्रैकों पर आधारित हैं। इन ट्रैकों में केदारनाथ, पिंडारी ग्लेशियर, गौमुख-तपोवन, रूपकुंड, हर की दून, डोडीताल, रुद्रनाथ, नागटिब्बा, पंचचूली बेसकैंप, फूलों की घाटी व हेमकुंड साहिब, पँवालीकांठा बुग्याल और चौमासी केदारनाथ के ट्रैक शामिल हैं।

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इस किताब में लेखक ने उत्तराखंड में साहसिक यात्राओं की स्थिति पर चिंता भी व्यक्त की है और बढ़ती भीड़ से परेशान भी दिखे हैं। लेखक का सुझाव है कि उच्च पर्वतीय बुग्यालों में पर्यटन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बजाय सीमित पर्यटन लागू करना चाहिए। इसके साथ ही प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ अपशिष्ट पदार्थों के निष्पादन पर भी ध्यान देने का सुझाव दिया है। इसमें पर्यटकों के साथ-साथ प्रशासन की भी जिम्मेदारी बनती है।
लेखक की यह उत्तराखंड पर आधारित पहली किताब है, इसलिए उन्होंने इसके विमोचन के लिए उत्तराखंड को ही चुना। पुस्तक संभावना प्रकाशन, हापुड़ से प्रकाशित हुई है और अमेजन पर ऑनलाइन भी उपलब्ध है। पुस्तक का आई.एस.बी.एन. नंबर 978-93-81619-99-5 है और अधिकतम मूल्य 300 रुपये है। उत्तराखंड में ट्रैकिंग के लिए आने वाले यात्रियों के लिए यह किताब अत्यधिक काम की है और नीरज के अनुभव भी सभी के काम आएँगे। नीरज के साथ उनकी पत्नी दीप्ति भी ट्रैकिंग करती हैं। इस प्रकार इस पुस्तक से महिलाओं को भी साहसिक पर्यटन की प्रेरणा मिलेगी।
किताब का विमोचन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भाई महेंद्र बिष्ट जी ने किया। कार्यक्रम में नंदनवन कैंप के मालिक सुदेश भट्ट, जगदीश भट्ट, सदानंद भट्ट, जगतराम भट्ट, महिमानंद भटकोटी, राजेंद्र बडोला, भूपेंद्र शुक्लेश और विश्वप्रसिद्ध हड्डीरोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष शल्य सहित देश के कोने कोने से घुमक्कडों व ट्रैकरों ने बढ चढकर हिस्सा लिय

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