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uksssc मामला: पेपर लीक कराने के मास्टर माइंड दो लाख के इनामी सादिक मूसा को यूपी एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
 

देहरादून। उत्तराखंड में एसएसएससी 2021 परीक्षा का पेपर लीक कराने के मास्टर माइंड दो लाख के इनामी सादिक मूसा को यूपी एसटीएफ ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने मूसा के साथी व एक लाख के इनामी योगेश्वर राव को भी पकड़ा है। दोनों के खिलाफ देहरादून के रायपुर थाने में धोखाधड़ी व गैंगेस्टर एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में एफआइआर दर्ज है।

मूसा शाहगंज, जौनपुर का रहने वाला है और वर्तमान में अकबरपुर अंबेडकरनगर में रह रहा था। वहीं, योगेश्वर राव भड़सर गाजीपुर का मूल निवासी है और अभी बी ब्लाक इंदिरानगर में रहता था। एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र इंजीनियरिंग कालेज चौराहा स्थित आरएमएस सल्यूशन कंपनी छाप रही थी। इसकी जानकारी उन्हें कंपनी के कर्मचारी काशान शेख ने दी। काशान ने बताया था कि परीक्षा चार-पांच मई 2021 को होगी, जिसका पेपर वो उपलब्ध करा देगा। इसके लिए उसने प्रत्येक अभ्यर्थी आठ लाख रुपये की मांग की। आरोपितों ने काशान से सौदा तय कर लिया। पांच मई को होने वाली दूसरी पाली की परीक्षा का पेपर काशान ने उन्हें समय से पहले उपलब्ध करा दिया। पेपर मिलने पर मूसा और याेगेश्वर ने इसकी जानकारी उत्तराखंड निवासी शशिकांत सिंह और जौनपुर के केंद्रपाल सिंह को दी। इसके बाद दोनों अपने साथी फिरोज व संपन्न राव के साथ चार दिसंबर को हल्द्वानी पहुंचे। होटल के कमरे में शशिकांत और केंद्रपाल से दोनों की मुलाकात हुई। इस दौरान प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद आरोपित प्रश्न पत्र देकर वापस लौट आए। परीक्षा के बाद शशिकांत ने योगेश्वर को 20 लाख रुपये दिए और बाकि की रकम बाद में देने की बात कही। 20 लाख रुपये योगेश्वर ने काशान को दे दिया।

परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अभ्यर्थियों की स्क्रीनिंग में अनियमितता उजागर हुई और 100 अभ्यर्थी संदिग्ध पाए गए। इसके बाद आयोग ने जांच के निर्देश दिए और एफआइआर दर्ज की गई। छानबीन में आरोपितों का फर्जीवाड़ा सामने आया और दोनों पर इनाम घोषित कर दिया गया। तब से दोनो फरार थे, जिन्हें गिरफ्तार कर यूपी एसटीएफ ने उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया है।