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चारधाम यात्रा पर दोगुना किराया वसूल कर तीर्थ यात्रियों की जेब काट रहा उत्तराखंड रोडवेज
 

देहरादून। उत्तराखंड रोडवेज चारधाम यात्रा किराये में मनमानी कर रहा है। यात्रियों से तय किराये से दोगुने से ज्यादा वसूला जा रहा है। ऋषिकेश से बदरीनाथ तक 1100 रुपये और केदारनाथ का 800 रुपये प्रति यात्री तक किराया लिया जा रहा है। रोडवेज समेत सभी यात्री वाहनों का किराया राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) तय करता है। यात्री किराया फरवरी 2020 में तय हुआ था।

तब रोडवेज बसों का किराया पर्वतीय रूट पर एक रुपये 72 पैसे प्रति किमी तय किया गया था। चारधाम यात्रा शुरू होते ही रोडवेज ने भी बसों का संचालन शुरू कर दिया है। रोजाना 15 से ज्यादा सेवाएं ऋषिकेश से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए चल रही हैं। ऋषिकेश से बदरीनाथ की दूरी 292 और केदारनाथ की 240 किमी है।

इस हिसाब से बदरीनाथ का किराया 502 और केदारनाथ का 412 रुपये प्रति यात्री होना चाहिए, लेकिन बदरीनाथ का 1100 और केदारनाथ का 800 रुपये किराया वसूला जा रहा है। निजी बस, टैक्सी और टैंपो ट्रैवलर वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। सभी वाहनों का किराया एसटीए ने तय कर रखा है, लेकिन कोई भी इसका पालन नहीं कर रहा है।

दीपक जैन, महाप्रबंधक (संचालन) उत्तराखंड रोड़वेज ने बताया कि रोडवेज चारधाम यात्रा का किराया बढ़ाया था, लेकिन अब उसे वापस ले लिया है। हम एसटीए की ओर से तय किराया ले रहे हैं। प्राइवेट बस वाले बहुत ज्यादा किराया ले रहे हैं। वे बदरीनाथ का किराया 1670 रुपये ले रहे हैं। दिनेश पठोई आरटीओ (प्रशासन) देहरादून ने बताया रोडवेज बसों में ज्यादा किराया वसूलने की शिकायत आई है। रोडवेज अफसरों ने बताया कि उनकी बसें वापसी में खाली आती हैं, इसलिए दोनों तरफ का किराया लिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल हमने किराया वापस लेने को कह दिया है। रोडवेज की बसों को यदि कांटेक्ट कैरिज पर चलने की अनुमति मिलती है,तो दोनों तरफ का किराया ले सकते हैं।