India Times Group
सुराज सेवा दल ने दून विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार पद पर असंवैधानिक, अवैध नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांगौ
 

देहरादून। सुराज सेवा दल ने दून विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार पद पर असंवैधानिक, अवैध, अनियमित एवं अनैतिक नियुक्ति को लेकर नगर मजिस्ट्रेट देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा। सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह दून विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार पद पर फर्जी नियुक्ति से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर प्रकरण सामने ला रहे हैं।

सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मामला इतना संगीन है कि फर्जीवाड़ा एवं राजनीतिक संरक्षण में आयुष यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मृत्युंजय मिश्रा कांड को भी मात दे रहा है। सन 2017 में जब डॉक्टर धन सिंह रावत मंत्री बनते ही दून विश्वविद्यालय को कब्जाने की योजना पर काम करना प्रारंभ कर देते हैं। और इस कार्य को फलीभूत करने के लिए मंत्री जी को श्रीनगर में उनके साथ रहा अपना पुराना साथी छोटा भाई मंगल सिंह मन्द्रवाल का साथ मिल गया। जब मंत्री जी एवं मंगल सिंह को यह लगा कि अधिनियम में संशोधन करने के उपरांत भी इनका कुलसचिव बनना संभव नहीं है तो फिर से एक और कूटरचना रची गई।

मंगल सिंह तो उत्तराखंड लोक सेवा के माध्यम से कभी चयनित हुई हुए, उन्हें लोक सेवा आयोग की केंद्रीय सेवा नियमावली के कुलसचिव की वरिष्ठता सूची में प्रथम स्थान पर रखा गया और इस अवैध कार्य को करने के लिए तत्कालीन अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा आनंद वर्धन एवं तत्कालीन कुलपति डॉ एके कर्नाटक द्वारा अनैतिक कृत्य किए गए। मंगल सिंह को 15 साल से यूनिवर्सिटी में मैं कार्यरत क्यों रखा गया? अध्यक्ष रमेश जोशी ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट महोदया की अनुपस्थिति में उपजिला अधिकारी महोदय मनीष कुमार को ज्ञापन दिया गया। जिसमें हमने दून यूनिवर्सिटी के भ्रष्टाचार एवं अन्य अनियमितताओं के संपूर्ण साक्ष्य की छाया प्रति ज्ञापन के द्वारा दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अनुरोध करते हैं कि शिक्षा विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की जाँच एवं स्पष्टीकरण की जाए दोषियों को सजा दी जाए और भ्रष्ट अधिकारी एवं मंत्रियों को जेल भेजा जाए। ज्ञापन देने में सुराज सेवा दल के अध्यक्ष रमेश जोशी, राजेंद्र पन्त कावेरी जोशी, पूजा नेगी ,नीतू ,सनी, संजय आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।