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जोशीमठ मामले पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवाले) के प्रदेश अध्यक्ष सेठपाल सिंह का धामी सरकार पर हमला, 10 सवालों के मांगे जवाब

 

देहरादून । जोशीमठ में हुए भू-धंसाव और घरों में आई दरारों को लेकर जहां लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। भू-धंसाव से करीब 300 घरों में दरारें आ गई हैं। सरकार द्वारा राहत कार्य शुरू किया तो गया है लेकिन इससे विपक्ष संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। जोशीमठ में भवनों की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवाले) के प्रदेश अध्यक्ष सेठपाल सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। 

'जोशीमठ में बहुत विध्वंसक स्थिति बनी हुई है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवाले) के प्रदेश अध्यक्ष सेठपाल सिंह का कहना है कि राज्य सरकार के पास जोशीमठ की स्थिति से निपटाने की कोई समझ नहीं है। होटल और घरों को तोड़ने के आदेश दे दिए गए हैं लेकिन लोगों को मुआवजा क्या मिलेगा। सरकार इस पर नहीं बोल रही है.' उन्होंने कहा कि लोगों को बसाने को लेकर सरकार कुछ नहीं बोल रही है। उन्होंने कहा कि सारा जोशीमठ धंसता जा रहा है इसलिए नए जोशीमठ को बसाने के लिए तत्काल जमीन की खोज करनी चाहिए। सरकार को जल्द ही जोशीमठ को सुरक्षित करना चाहिए।

बता दें कि जोशीमठ इलाके में अब तक 678 घरों में अभी तक दरारें आई हैं। जोशीमठ प्रशासन ने  गांधीनगर, सिंहधार, मनोहर बाग और सुनील वार्ड को असुरिक्षत क्षेत्र घोषित किया है। उधर, भू-धंसाव की घटना के बाद टाउन प्लानर को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में टाउन प्लानर नहीं है और पूरे राज्य में टाउन प्लानर की 13 में से 10 सीटें रिक्त हैं। ऐसे में जाहिर है कि बिना टाउन प्लानर के ही राज्य में निर्माण काम चल रहा है।

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवाले) के प्रदेश अध्यक्ष सेठपाल सिंह ने सरकार से 10 सवालों के जवाब मांगे हैं।

1. जोशीमठ भू धंसाव को लेकर सरकार अपनी कार्ययोजना सार्वजनिक करें।

2 . तस्वीरें बता रही है की नुकसान काफी ज्यादा है, ऐसे में सरकार कब तक प्रभावित जनता का पुनर्वास शुरू करेगी।

3. प्रथम चरण में सरकार ने कुल कितने परिवारों को शिफ्ट करने की तैयारी की है ।

4. घर का किराया देने से अलग क्या सरकार प्रबावित परिवारों की आर्थिक मदद भी करेगी।

5. जोशीमठ में स्तिथि इतना बिगड़ चुकी है, क्या सरकार के पास इसकी कोई जानकारी नहीं थी 

6. ग्रामीण आरोप लगा रहे है की जिला स्तर से लेकर मंत्री सरकार तक कई बार बात पहुंचाने का काम किया, लेकिन उनकी सुनी नहीं गई।

7. इतने बड़े स्तर पर हो रहे भू धंसाव के पीछे के असल कारण जल्द से जल्द पता करे सरकार।

8. सरकार की प्राथमिकता आम जनता को राहत देना है, जैसे बयान दिए जा रहे है। उनको तत्काल अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करे सरकार।

9. जोशीमठ से अलग कई अन्य शहरों में भी इस तरह की शिकायते आने लगी है, उनको लेकर भी सोचे सरकार।

10. जोशीमठ एक धार्मिक, सांस्कृतिक और पौराणिक शहर है, इसके बचाव को लेकर गंभीरता से काम करे सरकार।