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शिशु को जानलेवा रोगों से बचाता है मां का दूध, बच्चों को 6 माह की आयु तक दें सिर्फ मां का दूध
 

देहरादून। विश्व स्तनपान सप्ताह 2022 के अंतर्गत जनपद देहरादून में सामुदायिक जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 1 अगस्त से 7 अगस्त 2022 तक संचालित किया जाना है। जनपद में सामुदायिक स्तर पर आशा कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती माताओं तथा नवजात शिशुओं की माताओं को स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। शिशु के जीवन के लिए मां के दूध के महत्व को समझाने के लिए तथा छः माह तक के शिशु को पूरक फॉर्मूला दूध अथवा उपरी दूध ना दिए जाने के लिए जागरूकता फैलाना इस अभियान का उद्देश्य है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 मनोज उप्रेती ने जानकारी देते हुए बताया कि स्तनपान जागरूकता अभियान पूरे सप्ताह भर चलाया जाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने परिवार तथा समाज में स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूक करें। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वाेत्तम आहार होता है। स्तनपान से न सिर्फ शिशु का शारीरिक व मानसिक विकास उचित तरीके से होता है बल्कि डायरिया, निमोनिया तथा कुपोषण जैसे जानलेवा रोगों से भी शिशु की रक्षा करता है। शिशु के जन्म के एक घंटे की भीतर स्तनपान करना आवश्यक है तथा छः माह की आयु तक सिर्फ मां का दूध दिया जाना चाहिए।

वहीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 निधि रावत ने बताया कि जनपद में सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि यह अभियान की जानकारी घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों को दी जाए। इस हेतु अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण पूर्व में ही दिया जा चुका है। आशा कार्यकत्रियां अपने क्षेत्र में पात्र महिलाओं तथा उनके परिवारजनों को अभियान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दे रहे हैं। अभियान में जिला कम्यूनिटी मोबिलाइजर, ब्लॉक कम्यूनिटी मोबिलाइजर, आशा फैसिलिटेटर तथा आशा कार्यकत्रियां अहम भूमिका निभा रहे हैं। 

सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा
जनपद में सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा 1 अगस्त 14 अगस्त 2022 का अभियान भी संचालित किया जा रहा है। पखवाडे के प्रथम चार दिवस, डायरिया नियंत्रण गतिविधियों के तहत आशा कार्यकत्रियों द्वारा 36059 ओ.आर.एस. पैकेट तथा  2841 जिंक टैबलेट का वितरण घर-घर जाकर किया जा चुका है।