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उत्‍तराखंड में दायित्व की आस लगाए बैठे भाजपाइयों की जल्द पूरी होगी मुराद, जानिए भाजपा आलाकमान ने दायित्व बंटवारे के क्या तय किए हैं पैरामीटर

 

देहरादून। सरकार में विभिन्न प्राधिकरणों, निगमों व आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के रूप में सौंपे जाने वाले मंत्री पद के समक्ष दायित्वों को लेकर भाजपा संगठन स्तर पर कसरत शुरू हो गई है। इस सिलसिले में सूची तैयार करने के मद्देनजर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मार्गदर्शन मांगा। अब जल्द ही पार्टी की गाइडलाइन के खांचे में फिट बैठने वाले पार्टी नेताओं व कार्यकर्त्ताओं के नाम की सूची तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार दायित्व वितरण करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से मुलाकात में सांगठनिक विषयों के साथ ही दायित्व वितरण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। सरकार और संगठन से विमर्श कर दायित्व वितरण के लिए जल्द ही सूची तैयार की जाएगी।

धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अभी तक दायित्वों का वितरण नहीं हो पाया है। ऐसे में दायित्व की आस लगाए बैठे भाजपा नेताओं का इंतजार भी बढ़ गया है। हाल में प्रदेश भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नई प्रांतीय कार्यकारिणी के गठन के उपरांत दायित्व वितरण की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही गई थी। प्रांतीय टीम बनने के बाद अब जबकि सभी जिला इकाइयों के अध्यक्ष भी घोषित किए जा चुके हैं तो पार्टी के भीतर से ही दायित्व वितरण शीघ्र करने पर ही जोर दिया जाने लगा है। कहा जा रहा है कि जब दायित्व बांटे ही जाने हैं तो अब इसमें विलंब नहीं होना चाहिए।

इस बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के दिल्ली दौरे और उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड््डा और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष समेत अन्य नेताओं से हुई मुलाकात को दायित्व वितरण के दृष्टिगत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भट्ट ने केंद्रीय नेताओं से मुलाकात में यह विषय रखने के साथ ही इसके लिए मार्गदर्शन भी मांगा। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय नेतृत्व ने स्वच्छ छवि, अपने क्षेत्र में जमीनी पकड़, सक्रियता समेत कई बिंदुओं की कसौटी पर परखते हुए सूची बनाने को कहा है। इसमें महिलाओं के साथ ही अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ी जाति का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। अब इसी के अनुरूप दायित्वों के लिए सूची तैयार की जाएगी। फिर इसे केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा।