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विकास कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण सर्वाेपरी रखकर पर्यावरण संरक्षण संभव :- डॉ. डोभाल
 

देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब ने रविवार को आंचलिक विज्ञान केंद्र के साथ मिलकर विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। इस अवसर पर प्रेस क्लब क्लब सदस्य परिवारों, पत्रकारों और उनके बच्चों के लिए ‘नॉलेज टूर’ आयोजित किया गया। करीब 120 सदस्यीय इस दल को आंचलिक विज्ञान केंद्र (विज्ञान धाम-झाझरा) में संचालित वैज्ञानिक गतिविधियों के जरिए पृथ्वी, प्रकृति, हिमालय और ब्रह्मांड की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही यूकॉस्ट के वैज्ञानिकों ने मौजूदा परिवेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी उपायों और उसमें प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका भी विस्तार से रेखांकित की।

आंचलिक विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड स्टेट कौंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नालॉजी (यूकॉस्ट) के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि इस वर्ष का स्लोगन ‘ओनली वन अर्थ’ इस बात का संदेश देता है कि पृथ्वी एक ही है और इसको रहने लायक बनाए रखना हमारे लिए प्राथमिक ही नहीं, आवश्यकता भी होनी चाहिए। इसका पर्यावरण संरक्षित रखना और उसके अनुरूप अपनी दिनचर्या को ढालना ही भावी पीढ़ी के लिए हमारा उत्तरदायित्व है। डॉ. डोभाल ने उन्होंने विकास कार्यांें में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सर्वाेपरी रखने पर जोर देते हुए कहा कि कार्बन को फिक्स कर पाने की दर उम्रदराज हो चुके पेड़ों में बेहद कम होती है। ऐसे में विकास कार्यों के लिए अपनी आयु पूर्ण कर चुके पेड़ों को वैज्ञानिक विधि से हटाए जाने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन, यह भी जरूरी है कि उनके स्थान पर नए पौधों का रोपण किया जाए। इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने ग्लेशियरों के पिघलने और तापमान में वृद्धि के संबंध में भी विस्तार से बात रखी।

महानिदेशक डोभाल ने बताया कि यूकॉस्ट साइंस सिटी जल्द ही विस्तार लेगी और यह राज्य का अपनी तरह का अलग टूरिस्ट डेस्टीनेशन बनेगा। उत्तराखंड ऐसा छठा राज्य है, जहां इस तरह का आंचलिक विज्ञान केंद्र है। इसके साथ ही राज्य में अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी समेत छह पर्वतीय जिलों में भी विज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जो नई पीढ़ी के विज्ञान संबंधी जिज्ञासाओं को पूरा करने के साथ ही क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यूकॉस्ट की ओर से कार्यक्रम संयोजक व संयुक्त निदेशक डॉ. डीपी उनियाल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देने के साथ ही बच्चों से संवाद किया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कैलाश नारायण भारद्वाज ने ग्लोबल वार्मिंग के कारण, प्रभाव व निवारण के साथ ही उर्जा के वैकल्पिक श्रोतों के बारे में बच्चों से सवाल-जवाब किए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। क्लब अध्यक्ष जितेंद्र अंथवाल और महामंत्री ओपी बेंजवाल ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन क्लब की ओर से नॉलेज टूर के संयोजक व वरिष्ठ पत्रकार राजीव उनियाल ने किया। यूकॉस्ट अधिकारी डॉ. आशुतोष मिश्रा, जितेंद्र कुमार व अमित पोखरियाल भी इस दौरान मौजूद रहे। इससे पूर्व पत्रकार अनुपम सकलानी के किशोर पुत्र अभिशौर्य सकलानी ने डॉ. डोभाल का स्केच तैयार कर उन्हें भेंट किया। वरिष्ठ पत्रकार नवीन थलेड़ी, देवेंद्र सती, मनमोहन शर्मा, संजय झा, दिनेश कुकरेती, नवीन कुमार, महेश पांडे, राजकिशोर तिवारी आदि ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें क्लब की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए। इस आयोजन हेतु परिवहन व्यवस्था में यूकॉस्ट के साथ ही सरदार भगवान सिंह यूनिवर्सिटी (बालावाला) के चेयरमैन एसपी सिंह का भी सहयोग रहा।