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किसान आंदोलनः 11 महीने बाद खुला एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ मार्ग, रास्ता खुलने से मिली राहत की सांस
 

दिल्ली।  गुरुवार को टीकरी बॉर्डर का रास्ता खोलने के बाद शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर लगे बैरिकेडिंग भी हटा दिये हैं। 11 महीने से बंद दिल्ली से मेरठ वाली लाइन और एनएच-9 की लेन को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खोल दिया गया है। इस बीच दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सुबह करीबन 9.30 बजे दिल्ली पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसके बाद क्रेन की मदद से सीमेंटेड बैरियर और पत्थरों को हटाने का काम शुरू किया। पुलिस की यह कार्यवाई सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद हुई है। दिल्ली-मेरठ लेन पर पुलिसकर्मियों के लिए बनाई गई टीन शेड को भी हटाया गया है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर दीपेंद्र पाठक और डीसीपी ईस्ट प्रियंका कश्यप मौके पर तैनात रहे।

दिल्ली पुलिस का कहाना है कि आम जनता को रास्ता बंद होने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते खुलने से लोगों को राहत मिली है। साथ ही पुलिस ने किसानों से उम्मीद जताई है कि वे पुलिस का सहयोग करेंगे। इससे पहले गुरुवार देर शाम को टीकरी बॉर्डर पर सिर्फ एक हिस्से से बैरिकेडिंग हटाई गई थी। फिलहाल सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेड हटाने को लेकर अभी पुलिस ने प्रयास नहीं किये हैं। दिल्ली पुलिस ने रोहतक रोड के भी कई बैरिकेड लगे हुए थे। पुलिस ने बैरीकेड को हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। कई जगह बैरिकेड हट भी चुके हैं। वहीं आखिरी वाले बैरिकेड्स अभी भी लगे हुए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि किसान नेताओं से प्रदर्शन स्थल से रास्ता देने की बात की जा रही है। अगर वह रास्ता देने को तैयार हो जाते हैं तो शुक्रवार शाम तक रोहतक रोड को भी खोल दिया जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर से बैरिकेडिंग हटाए जाने पर कहा कि प्रधानमंत्री ने किसानों को अपनी फसल कहीं पर भी बेचने को कहा था। इसलिए अब रास्ते खुलेंगे तो हम भी अपनी फसल बेचने पार्लियामेंट में जाएंगे। पहले हमारे ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे। हमने रास्ते नहीं रोक रखे हैं। हम आगे की योजना बनाकर बताएंगे।