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भारतीय सेना को मिलेगी दुसरे एयरक्राफ्ट कैरिएर INS विक्रांत की सौगात
 

भारतीय नौसेना को एक नई और बड़ी सौगात मिलने जा रही है । आईएनएस विक्रांत मे रूप में दूसरा एयरक्राफ्ट कैरियर अगले वर्ष मध्‍य तक भारतीय नौसेना को मिल सकता है। अभी फिलहाल समुद्र इसका दूसरा ट्रायल चल रहा है। ये पूरी तरह से देश में निर्मित है और अत्‍याधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसके भारतीय नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा और ज्यादा मजबूत होगी ही साथ ही ये दुश्‍मन के दांत खट्टे करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। वैसे तो भारतीय नौसेना के पास पहले से ही आईएनएस विशाखापट्टनम के नाम से एक विमानवाहक युद्धपोत मौजूद है, जिसकी मौजूदगी ही दुश्‍मन के लिए सबसे बड़ा खतरा होती है। 

आईएनएस विक्रांत के इस ट्रायल पर चीन और पाकिस्‍तान की भी निगाहे गढाए बैठा है।इसकी वजह यह है की इस जहाज के भारतीय नौसेना में शामिल होने के साथ ही इन दोनों देशों की धड़कनें भी बढ़ जाएंगी। बता दें कि चीन के पास में जहां दो विमानवाहक युद्धपोत मौजूद हैं वहीं पाकिस्‍तान के पास अब तक एक भी युद्धपोत नहीं है। यही वजह है कि इस जहाज के भारतीय नौसेना में शामिल होने के बाद पाकिस्‍तान और चीन के हौसले पस्‍त हो जाएंगे।  

भारत का पहला विमानवाहक युद्धपोत भी आईएनएस विक्रांत के नाम पर ही था। इस बार जिस विमानवाहक पोत का ट्रायल चल रहा है उसका निर्माण कोचिन शिपयार्ड लिमिटेड ने किया है। ये पहला ऐसा विमानवाहक पोत है जिसका निर्माण भारत में किया गया है। इसका पिछले वर्ष पहला ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा था। विक्रांत संस्‍कृत का शब्‍द है। इस विमानवाहक पोत का आदर्श वाक्‍य है 'जयमा सम युधी स्‍पर्धा' जिसको ऋगवेद से लिया गया है। हिंदी में इसका अर्थ है 'जो मुझसे युद्ध करेगा उसे मैं परास्‍त कर दूंगा' (I defeat those who fight against me) है। 

इस जहाज का डिजाइन बनाने की शुरुआत 1999 में हुई थी। 29 दिसंबर 2011 को ये पहली बार सामने आया था। दिसंबर 2020 को इसका पहला बेसिन ट्रायल पूरा हुआ। इसके बाद समुद्र में इसका ट्रायल अगस्‍त 2021 में शुरू हुआ था। दूसरे ट्रायल के दौरान फ्लाइट ट्रायल जोर-शोर से किया जा रहा है। भारतीय नौसेना द्वारा किए गए एक ट्वीट में इस विमानवाहक पोत से एक हेलीकाप्‍टर और मिग 29 लड़ाकू विमान को टेकआफ और लैंड करते हुए दिखाया गया है। अब इसके दूसरे ट्रायल के साथ ही इस बात की उम्‍मीद बढ़ गई है कि अपने तय समय अगस्‍त 2023 तक इसको नौसेना में शामिल कर लिया जाएगा। नौसेना के साथ साथ समस्त देश के लिए यह गौरव की बात होगी।