India Times Group
वोटर आईडी को आधार से जोड़ने के लिए मोदी सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
 

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग से चर्चा के बाद विधि मंत्रालय ने पिछले साल पारित चुनाव सुधारों को लागू करने का फैसला किया है। 1 अगस्‍त, 2022 से वोटर आईडी को आधार से जोड़ने और फर्स्‍ट-टाइम वोटर के रजिस्‍ट्रेशन के लिए चार क्‍वालिफाइंग डेट्स की शुरुआत होगी। सरकार ने आधार कार्ड को मतदाता पहचान पत्र से जोड़ने के नियम जारी कर दिए हैं। मतदाताओं के लिए आधार की जानकारियां साझा करना उनकी इच्छा पर होगा, लेकिन ऐसा न करने वाले लोगों को पर्याप्त वजहें बतानी होंगी। चुनाव आयोग से चर्चा के बाद कानून मंत्रालय ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही पिछले साल पारित चुनाव सुधारों को लागू करने की शुरुआत हो गई। नए बदलाव 1 अगस्‍त, 2022 से प्रभावी होंगे। नए नियमों के तहत, 1 अप्रैल 2023 या उससे पहले तक वोटर लिस्‍ट में जिनके भी नाम हैं, उन्‍हें अपना आधार नंबर बताना होगा। इसके लिए फॉर्म 6B का इस्‍तेमाल होगा। अगर वोटर अपना आधार नंबर न देना चाहे तो उन्‍हें लिखकर देना होगा कि उनके पास आधार नहीं है। फिर उनके पास वोटर आईडी को 11 वैकल्पिक दस्‍तावेजों के लिए वेरिफाई कराने का विकल्‍प होगा। हमारे सहयोगी टाइम्‍स ऑफ इंडिया से एक सूत्र ने कहा कि चुनाव आयोग जल्‍द ही इस संबंध में विस्‍तृत गाइडलाइंस जारी करेगा।

आधार नहीं तो फिर क्‍या होगा?
आधार नंबर न होने की सूरत में वोटर आईडी की पुष्टि के लिए 11 वैकल्पिक दस्‍तावेजों में से कोई एक दिया जा सकेगा। इनमें MGNREGS जॉब कार्ड, फोटो वाली बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, PAN, भारतीय पासपोर्ट, हेल्‍थ इंश्‍योरेंस स्‍मार्ट कार्ड, पेंशन दस्‍तावेज, सरकारी सेवा के पहचान पत्र, सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्‍यों को जारी पहचान पत्र, सामाजिक न्‍याय मंत्रालय की ओर से जारी यूनिक आइडेंडिटी ID शामिल हैं।

फर्स्‍ट-टाइम वोटर के लिए रजिस्‍ट्रेशन की चार क्‍वालिफाइंग तारीखें होंगी। अभी तक केवल पुरुष सर्विस वोटर की पत्‍नी को उसी क्षेत्र की वोटर के रूप में रजिस्‍टर करने की इजाजत दी। बदले नियमों के अनुसार, अब यह जेंडर न्‍यूट्रल हो गया है। यानी पत्‍नी सर्विस वोटर है तो पति का उसके क्षेत्र के वोटर के रूप में रजिस्‍ट्रेशन हो सकेगा। सूत्रों के अनुसार, नए वोटर रजिस्‍ट्रेशन के इलेक्‍ट्रॉनिक फॉर्म्‍स में भी आधार अनिवार्य नहीं होगा। न ही पते में बदलाव वगैरह के लिए आधार को अनिवार्य बनाया जाएगा।