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आखिर क्यों राजपथ का नाम किया गया कर्तव्यपथ, जानिए वजह
 

दिल्‍ली। ऐतिहासिक राजपथ का नाम अब कर्तव्यपथ  हो गया है। कई लोगों ये सवाल भी उठा रहे हैं कि आखिर राजपथ का नाम बदलने की जरूरत क्‍या थी? इसका जवाब केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने दिया है। वैसे बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्‍त को लाल किले की प्राचीर से ये घोषणा की थी कि औपनिवेशिक अतीत से दूर होने की जरूरत है। ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी की निशानियों को हमें हटाना होगा। इस क्रम में पिछले दिनों भारतीय नौसेना के ध्‍वज को नया रूप दिया गया और अब ऐतिहासिक राजपथ का नाम बदल दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने राजपथ के साथ ही नवनिर्मित सेंट्रल विस्टा लान का नाम बदलने का भी निर्णय लिया है। इस मौके पर मीनाक्षी लेखी ने कहा, 'राजपथ के मायने बेहद कम लोगों को पता होंगे। आज़ादी के बाद क्वींसवे का नाम बदलकर जनपद किया गया और किंग्सवे को राजपथ किया गया था। राजपथ का सही मायने में राज का जो विचार था, वो नहीं बदला गया।'

उन्‍होंने बताया कि आजाद भारत में जब लोकतंत्र का माध्यम हमने सरकारी तौर पर चुना तो जो हम सबकी प्रेरणा है वो अधिकार नहीं बल्कि कर्तव्य है। इसलिए जनपथ का नाम बदला जाना बेहद जरूरी था।'

जपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखने पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, 'मैं सभी को धन्यवाद करती हूं, जिन्होंने ये फैसला लिया है। इतिहास ये था कि इस जगह का नाम पहले किंग्सवे होता था और दूसरी सड़क जो इससे मिलती है उसका नाम क्वींसवे था।'