गंगा-जमुना तरजीह की मिसाल, मंदिरों के निर्माण में मदद कर रहा है मुस्लिम कपल

मंदिरों के निर्माण कार्य में जुटे 39 वर्षीय हामिदुर रहमान और उनकी पत्नी पारसिया सुल्ताना रहमान ने अपनी प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा, मेरे पिता जिस चाय बागान में नौकरी करते थे वहां बतौर मुसलमान केवल हमारा परिवार ही था बाकि सारे लोग हिंदू थे।

नई दिल्ली। भारत में गंगा-जमुना तरजीह की मिसाल सदियों से दी जा रही है। इस मिसाल से प्रेरित होकर असम में एक मुस्लिम जोड़े ने हिंदू धर्म के पूजा स्थल के मरम्मत और निर्माण कार्य में आर्थिक मदद की है। सिर्फ इतना ही नहीं इस मुस्लिम जोड़े ने आसपास के कई इलाकों में रास्ते भी बनवाए हैं, ताकि लोगों को आने-जाने में किसी तरह की समस्या न हों। समाज कल्याण के लिए किए जा रहे दंपत्ति ने सभी को सांप्रदायिक सौहार्द का एक उदाहरण दिया है।

मंदिरों के निर्माण कार्य में जुटे 39 वर्षीय हामिदुर रहमान और उनकी पत्नी पारसिया सुल्ताना रहमान ने अपनी प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा, मेरे पिता जिस चाय बागान में नौकरी करते थे वहां बतौर मुसलमान केवल हमारा परिवार ही था बाकि सारे लोग हिंदू थे। उन्होंने कहा कि हमारे इलाके के लोगों ने भी कभी हमें इस बात का अहसास नहीं दिया कि हमारा परिवार एक मुस्लिम है।

पौराणिक नाटकों में लेते थे हिस्सा
बीबीसी से बातचीत करते हुए मुस्लिम जोड़े ने कहा, जिस चाय बगान में पिताजी कार्य किया करते थे वहां पर एक हरि का मंदिर था। उस मंदिर में काफी पौराणिक नाटक हुआ करते थे। मंदिर में होने वाले उन नाटकों में मैं अपने दोस्तों के साथ कई भूमिकाएं निभाता था और उस नाटक में हिस्सा लेता था। मेरे कॉलेज के दिनों तक ऐसा ही चलता रहा। शायद यही कारण है कि मैं सिर्फ अपने ही नहीं बल्कि सभी धर्मों का सम्मा करता हूं। मैं अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार मदद करता हूं, ये मेरे मन को सुकून देते हैं।

सभी लोग बांधते हैं तारीफों के पुल

हामिदुर और उनकी पत्नी द्वारा इलाके में किए जा रहे कामों की प्रशंसा सिर्फ हिंदू धर्म के लोग ही नहीं बल्कि मुसलमान भी करते हैं। हामिदुर के कामों की प्रशंसा करते हुए बोकाहोला जामा मस्जिद निर्माण समिति के सचिव अब्दुल रऊफ़ अहमद ने कहा, उन्होंने मस्जिद के निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए करीब 12 लाख रुपये दान में दिए हैं। इसके बाद वो अन्य धर्म के लोगों की भी मदद कर रहा है। ये बहुत ही नेक कार्य है, जिस पर किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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