रुड़की : डेढ़ करोड़ से अधिक की प्रतिबंधित नकली दवाई पकड़ी, ऑर्डर पर बनाते थे करोड़ों की दवाएं

प्रशासन, ड्रग विभाग और विजिलेंस की टीम ने रुड़की व भगवानपुर में छापा मारकर एक फैक्टरी से डेढ़ करोड़ से अधिक की कीमत की नकली दवाएं पकड़ी हैं। टीम ने कंपनी के मालिक और मैनेजर समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया जबकि नकली दवाओं को जब्त कर गोदाम, ऑफिस और फैैक्टरी को सील कर दिया है। 20 से अधिक दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल को पिछले कई दिनों से रुड़की के आदर्श नगर से नकली दवाओं की सप्लाई की शिकायत मिल रही थी। शुक्रवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में ड्रग विभाग के इंस्पेक्टर मानवेंद्र राणा, ड्रग इंस्पेक्टर एमएस राणा और विजिलेंस एएसपी मिथिलेश ने एक अपार्टमेंट में बने गोदाम में छापा मारा।

गोदाम से नामी कंपनियों के नाम से प्रतिबंधित नकली दवाएं बरामद र्हुइं। इसके बाद टीम ने ऑफिस में छापा मारकर कंपनी मालिक और मैनेजर समेत छह लोगों को हिरासत में ले लिया। यहां से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, डायरी, एक फाइल कब्जे में लेकर टीम ने गोदाम, कार्यालय को सील कर दिया। इसके बाद टीम भगवानपुर के नन्हेड़ा के पास स्थित फैक्टरी में पहुंची।

यहां हाईटेक मशीनें, रैपर और बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद हुईं। टीम ने फैक्टरी को भी सील कर दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल ने बताया कि फैक्टरी बिना लाइसेंस के चल रही थी। दवाएं एचविन फार्मा ऊधमसिंह नगर के फर्जी मार्का से बनाई जा रही थीं। जो नकली दवाएं मिली हैं, उनको सरकार ने प्रतिबंधित भी किया है। इनमें से अधिकतर एंटीबायोटिक हैं। हिरासत में लिए गए सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया जा रहा है।

फैक्टरी में काम करते मिले 40 श्रमिक

भगवानपुर के नन्हेड़ा के पास चल रही फैक्टरी में काम करते हुए 40 श्रमिक मिले। इन सभी से अधिकारियों ने पूछताछ की तो वह कुछ नहीं बता पाए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर टीम ने सभी श्रमिकों के नाम, पता और मोबाइल नंबर नोट किए। इसके बाद सभी को फैक्टरी से बाहर कर दिया। फैक्टरी पर कोई बोर्ड नहीं लगा था।

पहले भी सील की थी फैक्टरी

ड्रग इंस्पेक्टर एमएस राणा ने बताया कि करीब दो साल पूर्व भी इस फैक्टरी में छापामारी की गई थी। उस दौरान फैक्टरी सोनिवा ड्रग्स फार्मा के नाम से चल रही थी। नकली दवाएं बरामद होने पर फैक्टरी को सील कर दिया गया था। अब यह फैक्टरी फर्जी लाइसेंस पर चल रही थी।

ऑर्डर पर बनाते थे करोड़ों की नकली दवाएं

रुड़की में नकली दवाएं बनाने वालों के संपर्क देश के करीब दस राज्यों में थे। ऑर्डर आने पर ये लोग करोड़ों की नकली दवाएं तैयार कर सप्लाई करते थे। ड्रग विभाग अब इन राज्यों के अधिकारियों से संपर्क साध रही है। साथ ही जानकारी जुटाई जा रही है कि इन लोगों के संपर्क में कौन लोग हैं।

रुड़की और देहात क्षेत्र में नकली दवाएं पकड़े जाने का सिलसिला लगातार जारी है। लगातार पकड़ी जा रही नकली दवाओं की फैक्टरी से यह बात साफ हो गई है कि रुड़की और देहात क्षेत्र में एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है। शुक्रवार को ड्रग विभाग की टीम ने एक बार फिर एक अपार्टमेंट में करीब डेढ़ करोड़ की नकली दवाएं पकड़ीं, जिन पर सरकार की ओर से निर्माण, विक्रय और वितरण पर प्रतिबंध है।

कंपनी की भगवानपुर स्थित फैक्टरी से भी करोड़ों की नकली दवाएं और उपकरण बरामद हुए हैं। ड्रग विभाग को जांच में पता चला है कि रुड़की में नकली दवा का कारोबार करने वालों के संपर्क में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, यूपी, कर्नाटक, पंजाब समेत दस राज्यों के गिरोह के लोग थे। इन राज्यों के लोग ऑर्डर पर रुड़की में नकली दवा तैयार करवाते थे। अब ड्रग विभाग के अधिकारी इन राज्यों के अधिकारियों से संपर्क साध रहे हैं। साथ ही नकली गिरोह की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुट गए हैं।

नामी कंपनियों के नाम का कर रहे थे इस्तेमाल

ड्रग विभाग ने गोदाम और फैक्टरी से कई नामी कंपनियों की दवाएं बरामद की हैं। ड्रग विभाग के अनुसार, अधिकतर नकली दवाएं एंटीबायोटिक कंपनियों के नाम से तैयार की जा रही थीं। ये लोग सबसे अधिक एंटीबायोटिक दवाइयां ही तैयार करते थे।

मुरादाबाद कनेक्शन की भी जांच

ड्रग विभाग ने नकली दवा बनाने के गिरोह के जिस सरगना को पकड़ा है, वह मूल रूप से मुरादाबाद का रहने वाला है। वह पिछले दस साल से रुड़की में रह रहा था। ऐसे में अब पुलिस और ड्रग विभाग की टीम मुरादाबाद कनेक्शन की भी जांच कर रही है। पुलिस यह देख रही है कि आरोपी का नकली दवा के मामले में मुरादाबाद से कनेक्शन है या नहीं।

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